
टाटा वर्कर्स यूनियन का कोष पहुंचा 44 करोड़ के पार
टाटा वर्कर्स यूनियन का कोष पिछले 18 माह में 44 करोड़ 19 लाख 18 हजार 922 रुपये तक पहुंच गया है। हालांकि, सदस्यों की मासिक सदस्यता शुल्क में गिरावट आई है, जो 8 लाख से घटकर 7.5 लाख हो गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान कोष में 2 करोड़ 19 लाख 61 हजार 730 रुपये की वृद्धि हुई है।
टाटा वर्कर्स यूनियन के कोष में लगातार वृद्धि तो रही है, लेकिन आय के महत्वपूर्ण स्रोत सदस्यों की मासिक सदस्यता शुल्क में लगातार गिरावट आ रही है। यूनियन का कोष पिछले 18 माह में बढ़कर 44 करोड़ 19 लाख 18 हजार 922 पहुंच गया है। जबकि चंदा प्रति माह 8 लाख से घटकर 7.5 लाख तक रह गया है। यह आंकड़ा यूनियन की फाइनेंस कमेटी की बैठक में सामने आया है। उल्लेखनीय है कि यूनियन की फाइनेंस कमेटी की बैठक पिछले सोमवार को हुई थी। बैठक में कोषाध्यक्ष आमोद कुमार दुबे ने सदस्यों के बीच वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंकेक्षित रिपोर्ट के साथ वित्तीय वर्ष 2025-26 के सितंबर तक का अकाउंट पेश किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2024 को यूनियन के कोष में 41 करोड़ 38 लाख 3 हजार 595 रुपये थे। 31 मार्च 2025 को जब वित्तीय वर्ष 2024-25 समाप्त हुआ, तब यह राशि एक वर्ष में बढ़कर 43 करोड़ 57 लाख 65 हजार 325 रुपये हो गई। इस तरह एक वर्ष में यूनियन के कोष में 2 करोड़ 19 लाख 61 हजार 730 रुपये की वृद्धि दर्ज हुई। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के सितंबर तक का भी एकाउंट पेश किया जा चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर तक यूनियन का कोष बढ़कर 44 करोड़ 19 लाख 18 हजार 922 रुपये तक पहुंच गया है। इस तरह वर्तमान वित्तीय वर्ष की प्रथम छमाही में यूनियन कोष में 61 लाख 53 हजार 597 की वृद्धि दर्ज हुई है। उल्लेखनीय है कि टाटा वर्कर्स यूनियन देश की सबसे समृद्ध यूनियन के रूप में जानी जाती है।

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