Tata Workers Union case will be investigated - टाटा वर्कर्स यूनियन में हुई मारपीट के मामले में होगी जांच DA Image

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टाटा वर्कर्स यूनियन में हुई मारपीट के मामले में होगी जांच

टाटा वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष आर रवि प्रसाद तथा डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय को उनके चैंबर में घुसकर गाली-गलौज करने पर सुरक्षाकर्मी द्वारा पीटे गए कोक प्लांट के एनएस कर्मचारी चंद्रभूषण पांडेय के मामले की जांच पुलिस करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। पुलिस यूनियन अध्यक्ष आर रवि प्रसाद तथा डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय का बयान भी लेगी। इस संबंध में मंगलवार को यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल वरीय पुलिस अधीक्षक अनूप बिरथरे से मिलकर उन्हें घटना की जानकारी दी और ज्ञापन सौंपा। 18 मई की दोपहर 12 से 12.15 बजे के बीच अध्यक्ष कार्यालय में एक फोन आया, जिस पर एक व्यक्ति ने अपना नाम चंद्रभूषण पांडेय बताकर गाली-गलौज करने लगा। ठीक 15 मिनट के अंतराल के बाद अध्यक्ष के चैंबर में धमकता है और एक साथ अगल-बगल बैठे अध्यक्ष और डिप्टी प्रेसिडेंट को जोर-जोर से गाली-गलौज करने लगता है। वह अपने को टाटा स्टील का निलंबित कर्मचारी बता रहा था। चंद्रभूषण पांडेय के इस रवैये का वहां मौजूद अन्य कमेटी मेंबरों ने विरोध किया, लेकिन वह हाथापाई पर उतारू हो गया। वहां उपस्थित अध्यक्ष के सरकारी अंगरक्षक तथा टाटा स्टील द्वारा प्रतिनियुक्त अंगरक्षक ने उसे किसी प्रकार वहां से हटाया और यूनियन प्रांगण से बाहर कर दिया। इसके दस मिनट के बाद चंद्रभूषण पांडेय दो पहिया वाहन लेकर यूनियन कार्यालय में घुसा और ऊपरी तल्ले पर स्थित अध्यक्ष कार्यालय की तरह तेजी के साथ गाली-गलौज करते हुए आगे बढ़ा। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए दोनों अंगरक्षकों ने उसे धर दबोचा और टाटा स्टील के कंट्रोल रूम को सूचना देकर सुरक्षाकर्मियों को बुलाया और उनके हवाले कर दिया। सुरक्षाकर्मी ने उसे बिष्टूपुर थाना के हवाले कर दिया। शाम में अध्यक्ष ने सुरक्षा विभाग के अधिकारियों से आग्रह कर उसे थाना छुड़ाया और केस दर्ज नहीं होने दिया। दूसरे दिन चंद्रभूषण पांडेय टीएमएच में भर्ती हो गया और पता चला कि उसने बिष्टूपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि यूनियन के विरोधियों द्वारा चंद्रभूषण पांडेय का सुनियोजित तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि यूनियन की मर्यादा को धूमिल किया जा सके और अध्यक्ष की मजदूर हित की छवि को धूमिल कर मजदूरों के बीच यह संदेश देना कि वे मजदूर विरोधी हैं। प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से आग्रह किया है कि घटना की जांच कर चंद्रभूषण पांडेय के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृति नहीं हो। अध्यक्ष और डिप्टी प्रेसिडेंट पर लगे सभी आरोपों को भी निराधार बताया।

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  • Web Title: Tata Workers Union case will be investigated