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टाटा स्टील में छह वर्ष का होगा ग्रेड रिवीजन समझौता!

टाटा स्टील में छह वर्ष की अवधि के लिए ही ग्रेड रिवीजन समझौता होगा। यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि कलिंगानगर प्लांट के कर्मचारियों के लिए प्रबंधन ने स्वयं छह वर्ष की अवधि का ग्रेड रिवीजन किया है, जबकि कलिंगानर में यूनियन नहीं है। जमशेदपुर प्लांट के लिए प्रबंधन ने ग्रेड रिवीजन की अवधि छह साल से बढ़ाकर सात साल करने का प्रस्ताव दिया है। प्रबंधन इसके लिए लगातार टाटा वर्कर्स यूनियन पर दवाब बनाए हुए है। प्रबंधन दवाब बनाने के लिए माइंस, कोलियरीज तथा बियरिंग डिवीजन में हुए समझौते का उदाहरण दे रहा है। जानकारों का कहना है कि माइंस, कोलियरीज तथा बियरिंग डिवीजन के काम की प्रकृति (नेचर ऑफ जॉब) टाटा स्टील के काम की प्रकृति से भिन्न है, फिर वहां की तुलना टाटा स्टील से कैसी हो सकती है। टाटा स्टील जमशेदपुर और कलिंगानगर के काम की प्रकृति समान है। दोनों टाटा स्टील के ही अंग हैं। प्रबंधन ने खुद कलिंगानगर में छह वर्ष के लिए ग्रेड रिवीजन किया है तो टाटा स्टील जमशेदपुर में इससे अलग कैसे हो सकता है। इस कारण जमशेदपुर यूनिट में भी छह साल की अवधि के लिए ही ग्रेड रिवीजन समझौता तय माना जा रहा है। दूसरी ओर, ट्रेड यूनियन नेताओं का कहना है कि एनजेसीएस में प्रबंधन कर्मचारियों के बेसिक का चार प्रतिशत तथा अधिकारियों के बेसिक छह प्रतिशत पेंशन फंड में अंशदान देता है। टाटा स्टील एनजेसीएस के संस्थापक सदस्यों में से एक रही है। इस कारण टाटा स्टील में भी प्रबंधन को पेंशन फंड मद में यह अंशदान दिया जाना चाहिए। फिलहाल, टाटा स्टील में ग्रेड रिवीजन पर वार्ता बंद है। टाटा वर्कर्स यूनियन नेतृत्व के समक्ष डीए पर दिए प्रबंधन के प्रस्ताव का किस तरह कर्मचारियों के हित में समझौता कराना चुनौती है।

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  • Web Title:Tata Steel will have six-year grade agreement