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एनएस ग्रेड के कमेटी मेंबरों ने यूनियन पदाधिकारियों को घेरा

एनएस ग्रेड के कमेटी मेंबरों ने यूनियन पदाधिकारियों को घेरा

संक्षेप:

टाटा स्टील में एनएस ग्रेड के सदस्यों ने यूनियन पदाधिकारियों से वेज रिवीजन समझौते पर स्पष्टता की मांग की। लगभग 7000 कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा के लिए बैठक हुई। एनएस ग्रेड की प्रमुख मांगों में 50% एमजीबी और अन्य लाभ शामिल हैं। यूनियन ने इन मांगों को टॉप थ्री के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।

Jan 20, 2026 06:26 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
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टाटा स्टील में प्रस्तावित ग्रेड रिवीजन समझौते को लेकर सोमवार को एनएस ग्रेड के कमेटी मेंबरों ने एक बार फिर यूनियन पदाधिकारियों को घेरते हुए लगभग सात हजार कर्मचारियों से जुड़ी मांगों पर रुख स्पष्ट करने को कहा। वेज रिवीजन को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग के बीच यूनियन के कॉन्फ्रेंस रूम में बैठक हुई, जिसमें एनएस ग्रेड के साथ ओएस ग्रेड के कमेटी मेंबर भी शामिल हुए। इसमें यूनियन के टॉप थ्री को छोड़कर अन्य सभी पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रेड रिवीजन समझौते में एनएस ग्रेड के कर्मचारियों की स्थिति बेहतर करने से जुड़ी मांगों पर यूनियन पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करना और उनके मत व सुझाव लेना था।

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कमेटी मेंबरों ने स्पष्ट किया कि एनएस ग्रेड को लेकर कर्मचारियों में व्यापक अपेक्षाएं हैं और इन मांगों को मजबूती से आगे रखा जाना जरूरी है। यूनियन पदाधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे पर टॉप थ्री से चर्चा करेंगे और एनएस ग्रेड की जायज मांगों को ग्रेड रिवीजन समझौते में शामिल कराने का प्रयास करेंगे। बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि आगे फिर बैठक होगी और अगली मीटिंग के रोडमैप में टॉप थ्री को भी शामिल होने का आग्रह किया जाएगा। बैठक में उपाध्यक्ष शाहनवाज आलम, संजय सिंह, संजीव तिवारी, सहायक सचिव नीतेश राज, अजय चौधरी, श्याम बाबू और कोषाध्यक्ष आमोद दुबे शामिल थे। एनएस ग्रेड की प्रमुख मांगें एनएस ग्रेड की प्रमुख मांगों में 50 प्रतिशत एमजीबी सुनिश्चित करना, 5000 रुपये फिक्स्ड भुगतान के साथ वीडीए छह रुपए प्रति प्वाइंट पर न्यूनतम कटौती, एनुअल इंक्रीमेंट को बेसिक का न्यूनतम तीन प्रतिशत करना, सालाना ग्रोथ आठ से दस प्रतिशत पर स्पष्ट रोडमैप, प्रति बच्चे न्यूनतम 5000 रुपये एजुकेशन एलाउंस, रिटायरमेंट के करीब पहुंच रहे कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस प्रावधान और ब्लॉक 1, 2 व 3 में स्टैग्नेशन झेल रहे कर्मचारियों को हर चार साल पर इंक्रीमेंट सुनिश्चित करना शामिल है।