पीएन बोस की दूरदर्शी सोच टाटा स्टील की स्थापना का आधार बना
टाटा स्टील ने प्रमथ नाथ बोस की 171वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी और टाटा वर्कर्स यूनियन के सदस्य शामिल हुए। वक्ताओं ने बोस के जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान पर चर्चा की। इस अवसर पर जमशेदपुर में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।

टाटा स्टील ने मंगलवार को स्मृति सभा में प्रख्यात भूवैज्ञानिक और दूरदर्शी विचारक प्रमथ नाथ बोस की 171वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी तथा टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। कंपनी के उपाध्यक्ष रॉ मटेरियल्स संदीप कुमार मुख्य अतिथि और टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
प्रमुख योगदान
वक्ताओं ने पीएन बोस के जीवन और विरासत पर प्रकाश डालते हुए उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। वर्ष 1904 में उन्होंने जमशेदजी नसरवानजी टाटा को मयूरभंज क्षेत्र में लौह अयस्क भंडार संबंधी जो ऐतिहासिक पत्र लिखा था, वही आगे चलकर वर्ष 1907 में जमशेदपुर में टाटा स्टील की स्थापना का महत्वपूर्ण आधार बना। भूविज्ञान, खनिज अन्वेषण, वैज्ञानिक अनुसंधान और राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में उनका अमूल्य योगदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।
विशेष व्याख्यान
इस अवसर पर टाटा स्टील के नेचुरल रिसोर्सेज डिवीजन की ओर से जमशेदपुर स्थित पीएन बोस जियोलॉजिकल सेंटर में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस सत्र में भूविज्ञान के क्षेत्र में उनके अग्रणी कार्यों, भारत में खनिज अन्वेषण की दिशा तय करने में उनकी भूमिका तथा देश के औद्योगिक विकास को आकार देने वाली उनकी स्थायी विरासत को विस्तार से याद किया गया।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


