टाटा समूह में पांच वर्षों में 5 लाख कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी : चंद्रशेखरन
टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि अगले पांच वर्षों में समूह में पांच लाख कर्मचारी जुड़ेंगे, जिससे कुल संख्या 15 लाख हो जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों की सुरक्षा, विविधता, और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया। टाटा समूह तकनीकी विकास और कार्बन उत्सर्जन कम करने पर भी काम कर रहा है।

टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि समूह में अगले पांच साल में पांच लाख कर्मचारी बढ़ेंगे और उनकी संख्या बढ़कर 15 लाख तक पहुंच जायेगी। वे संस्थापक दिवस पर वर्क्स जनरल ऑफिस गेट पर आयोजित मुख्य श्रद्धांजलि सभा के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन टाटा समूह के संस्थापक की जेएन टाटा की 187वीं जयंती पर 3 मार्च को किया गया था। उन्होंने कहा पिछले पांच वर्षों में करीब पांच लाख कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि हुई थी। टाटा समूह स्किल डेवलपमेंट पर बहुत अधिक खर्च कर रहा है इसे और बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों के बीच विविधता का पूरा ख्याल रखा जाएगा।
अलग-अलग योग्यता को बढ़ावा दिया जाएगा। चंद्रशेखरन ने कहा कि मध्य पूर्व में जंग और वैश्विक परिस्थितियों के बीच टाटा समूह के लिए कर्मचारियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। विश्व में चाहे एयर इंडिया हो, होटल चेन हो अथवा कंपनियां सभी जगहों पर काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। समूह के लिए कर्मचारी पहले नंबर पर हैं, व्यापार उसके बाद। मौजूदा हालात से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा, लेकिन उम्मीद करते हैं कि लंबे समय के लिए सप्लाई चेन पर इसका असर नहीं होगा।टाटा समूह की अलग-अलग कंपनियों का होगा विस्तारचेयरमैन ने कहा कि टाटा समूह कार्बन उत्सर्जन को कम करने की तकनीक पर काम कर रहा है। इसके अलावा टाटा मोटर्स, टाटा पावर जैसी कंपनियों का तकनीकी रूप से कार्य विस्तार किया जा रहा है। जमशेदपुर के बाहर भी अलग-अलग कंपनियों के विस्तार की प्रक्रिया जारी है। संस्थापक स्थल होने के कारण जमशेदपुर को लेकर समूह की बिल्कुल अलग सोच रही है। झारखंड के मुख्यमंत्री के साथ हमारी मुलाकात बहुत अच्छी रही है। हमने 11000 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। हम इस दिशा में काम कर रहे हैं।एआई से बढ़ेगी संभावना, बेहतर होगा टीसीएस का प्रदर्शनचंद्रशेरन ने एआई के बढ़ते प्रभाव के कारण रोजगार को लेकर उठ रही आशंकाओं को दूर करते हुए कहा कि जब भी कोई नई तकनीक आती है, तो इस तरह की बातें चर्चा में आ जाती हैं। लेकिन हकीकत यह है कि एआई के इस्तेमाल से रोजगार की असीमित संभावनाएं बढ़ेंगी। टीसीएस जैसी कंपनियों के लिए यह नये अवसर पैदा करेगा। टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर जैसी कंपनियों में एआई के प्रयोग में टीसीएस अपनी अहम भूमिका निभा सकता है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


