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सूर्य मंदिर कमेटी ने काम कराने पहुंची प्रशासन की टीम को रोका, हंगामा

सिदगोड़ा सूर्य मंदिर परिसर स्थित शंख मैदान में विधायक सरयू राय की ओर से लगवाई जा रहीं कुर्सियों और लाइटिंग सहित अन्य कार्यों को सूर्य मंदिर समिति के...

सिदगोड़ा सूर्य मंदिर परिसर स्थित शंख मैदान में विधायक सरयू राय की ओर से लगवाई जा रहीं कुर्सियों और लाइटिंग सहित अन्य कार्यों को सूर्य मंदिर समिति के...
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सूर्य मंदिर कमेटी ने काम कराने पहुंची प्रशासन की टीम को रोका, हंगामा
हिन्दुस्तान टीम,जमशेदपुरTue, 25 Jun 2024 02:15 AM
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सिदगोड़ा सूर्य मंदिर परिसर स्थित शंख मैदान में विधायक सरयू राय की ओर से लगवाई जा रहीं कुर्सियों और लाइटिंग सहित अन्य कार्यों को सूर्य मंदिर समिति के सदस्यों ने सोमवार को रुकवा दिया। यहीं नहीं, सूर्य मंदिर समिति की ओर से गेट को बंद कर दिया गया और निर्माण सामग्री को अंदर नहीं जाने दिया गया। इससे प्रशासन की टीम को लौटना पड़ा। इस घटना के बाद प्रशासन की तरफ से सूर्य मंदिर परिसर में 5 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
इस दौरान जोरदार हंगामा भी हुआ। लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई को रोक दिया और इसे मंदिर विरोधी कदम बताया। सूर्य मंदिर समिति के लोगों का कहना था कि वहां पहले से यज्ञ चल रहा है। उसी शंख मैदान में हमेशा कोई न कोई आयोजन होता आया है। वहां अब विधायक सरयू राय बेवजह अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए सौंदर्यीकरण के नाम पर कुर्सियां लगाना चाहते हैं, जो गलत है। इससे वहां के आयोजन में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। सोमवार को जमशेदपुर अक्षेस की टीम मजिस्ट्रेट और पुलिस फोर्स की मौजूदगी में काम करने पहुंची, जिसके बाद मंदिर कमेटी के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसमें भाजपा नेता सह मंदिर कमेटी के भूपेंद्र सिंह, भाजपा नेता पवन अग्रवाल, खादी बोर्ड के पूर्व सदस्य कुलवंत सिंह बंटी, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष दिनेश कुमार, पूर्व •अध्यक्ष गुंजन यादव समेत अन्य लोग पहुंचे और विरोध करने लगे। इन लोगों ने गाड़ी ले जाने पर ही रोक लगा दी और धरना पर बैठ गए। इस दौरान काफी हो हंगामा हुआ, जिसके बाद प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। इसके बाद सारे ऑफिसरों को बैरंग लौटना पड़ा।

मजिस्ट्रेट और मंदिर समिति सदस्यों के बीच नोकझोंक

सूर्य मंदिर समिति के सदस्यों की दलील थी कि रुद्र महायज्ञ चल रहा है, ऐसे में निर्माण सामग्री ले जाना उचित नहीं होगा। जब तक महायज्ञ जारी रहेगा, तब तक कोई निर्माण कार्य नहीं होगा। मजिस्ट्रेट और मंदिर कमेटी के सदस्यों के बीच तीन बार नोकझोंक भी हुई। सूर्य मंदिर समिति की ओर से शंख मैदान में विश्व कल्याण, पर्यावरण शुद्धि के लिए सोमवार को रुद्र महायज्ञ शुरू किया गया। यह महायज्ञ 11 दिनों तक चलेगा। इस दौरान उस जगह पर कोई निर्माण कार्य नहीं हो सकेगा।

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किसी भी मंदिर में विधायक फंड का निवेश नहीं होता है। इसकी जांच होनी चाहिए। शंख मैदान में आध्यात्मिक कार्यक्रम होता है। छठ पूजा होती है। उस जगह पर चबूतरा बनाना और कुर्सियां लगाकर जगह को कवर किया जा रहा है। ऐसे में वहां कोई भी धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हो सकेगा।

-भूपेंद्र सिंह, अध्यक्ष, सूर्य मंदिर कमेटी, सिदगोड़ा

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सूर्य मंदिर कमेटी में मजिस्ट्रेट और फोर्स तैनात करने की मांग की गई थी। मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा। इस मामले को लेकर प्रशासन सतर्क है।

- पारुल सिंह, एसडीएम, धालभूम

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भूपेंद्र और चंद्रगुप्त की नजर शंख मैदान और 6 एकड़ जमीन पर : सरयू

जमशेदपुर। विधायक सरयू राय ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि ज़िला प्रशासन स्थिति स्पष्ट करे कि वह शंख मैदान और समीपवर्ती करीब 6 एकड़ सरकारी जमीन को तथाकथित सूर्य मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह और संरक्षक चन्द्रगुप्त सिंह के चंगुल में जाने से रोकना चाहता है या नहीं? यह भूखंड सरकारी है, इसपर बनी संरचनाएं सरकारी पैसे से बनी हैं। इससे एक ओर सूर्य मंदिर की बाउंड्री है और दूसरी ओर चंद्रगुप्त सिंह के महलनुमा अवैध मकान की बाउंड्री। भूपेन्द्र सिंह ने सूर्य मंदिर की बाउंड्री को ध्वस्त कर दिया है। चंद्रगुप्त सिंह अपने महल की बाउंड्री तोड़ने की फिराक में हैं। करीब 6 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। इस सरकारी जमीन पर मेरी विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों से दोनों परेशान हैं और धार्मिक रंग देकर एक साल से सरकारी काम में बाधा डाल रहे हैं। विडम्बना यह है कि जिला प्रशासन मौन और मूकदर्शक बनकर इनका और इनके इरादों का मनोबल बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा कि एक साल से ये लोग झूठ फैला रहे हैं कि वे सूर्य मंदिर की धार्मिक आस्था पर चोट किया जा रहा है, पर प्रशासन ने कभी भी इस झूठ का खंडन नहीं किया। असलियत से लोगों को अवगत नहीं कराया। जबकि उनकी विधायक निधि से इस भूखंड पर प्रस्तावित विकास योजनाओं को ज़िला प्रशासन ने स्वीकृत किया है और इसके लिए निधि विमुक्त किया है। प्रशासन को बताना चाहिए कि मेरा विकास कार्य प्रस्ताव क्या है और भूपेन्द्र-चंद्रगुप्त की जोड़ी द्वारा फैलाया जा रहा झूठ-फरेब क्या है। प्रशासन अपना दायित्व पूरा नहीं करेगा तो उपद्रवी तत्वों और तिकड़मबाजों का हौसला बुलंद होगा।

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