लिव इन रिलेशन संस्कृति से समाज को बचाना है:सुनील आनंद
जमशेदपुर के आनंद मार्ग प्रचारक संघ के सुनील आनंद ने लिव इन रिलेशन की संस्कृति के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था महिलाओं के लिए नुकसानदायक है और भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए इसका विरोध आवश्यक है। हर बस्ती में इस पर चर्चा करने की जरूरत है।
जमशेदपुर। आनंद मार्ग प्रचारक संघ के सुनील आनंद ने कहा कि लिव इन रिलेशन संस्कृति से समाज को बचाना है और इसके लिए हर व्यक्ति का व्यक्तिगत दायित्व भी है। अनेक महिलाओं को अपने जीवनकाल में शारीरिक या यौन हिंसा का सामना करना पड़ता है। आनंद मार्ग प्रचारक संघ कि ओर से शहर के आसपास देहात क्षेत्र के स्कूल के बाहर अभिभावको के बीच जा जा कर लोगों को समझाया जा रहा है कि भारतीय सभ्यता संस्कृति को बचाने के लिए एवं भारत के प्राण धर्म का अपमान करने वाली व्यवस्था लिव इन रिलेशन का सैद्धांतिक विरोध जरूरी है, हर बस्ती मोहल्ले में लोगों के बीच में यह चर्चा होना जरूरी है, इस व्यवस्था में सबसे ज्यादा पीड़ित युवतियां हो रही है लिव इन रिलेशन एवं डायन प्रथा से सबसे ज्यादा महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा है।
झारखंड में डायन प्रथा से प्रत्येक वर्ष काफी संख्या में महिलाएं मौत की शिकार हो रही है। भगवान शिव ने ही महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिए इस सृष्टि पर सबसे पहले विवाह प्रथा को स्थापित कर सबसे पहले महिलाओं को सम्मान दिया।
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