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जमशेदपुर की दामिनी सहाय का ऐसा स्टार्टअप, जो दूर करता है तनाव, देश भर में दे रहीं सेवा

इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में पढ़ाई, अच्छे मार्क्स, नौकरी, नौकरीपेशा को लक्ष्य को पूरा करने, एक पिता को बच्चों की पढ़ाई और उनकी शादी की चिंता तो एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को अपने स्वास्थ्य और पेंशन की...

जमशेदपुर की दामिनी सहाय का ऐसा स्टार्टअप, जो दूर करता है तनाव, देश भर में दे रहीं सेवा
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,जमशेदपुरWed, 11 Jul 2018 05:51 PM
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इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में पढ़ाई, अच्छे मार्क्स, नौकरी, नौकरीपेशा को लक्ष्य को पूरा करने, एक पिता को बच्चों की पढ़ाई और उनकी शादी की चिंता तो एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को अपने स्वास्थ्य और पेंशन की चिंता रहती है। यानि हर उम्रवाला किसी न किसी कारण तनावग्रस्त है। इस कारण उनमें चिड़चिड़ापन, परिवार के सदस्यों या दोस्तों से तकरार होती है और जीवन में परेशानी उत्पन होती हैं। इसी समस्या को देखते हुए जमशेदपुर की दामिनी सहाय और नई दिल्ली की शुभम श्रीवास्तव ने देश का अनोखा स्टार्टअप 'मूव-वेंट' तैयार किया है जो 10 विधाओं से तनाव कम करने में मदद करता है।

दामिनी का कहना है कि इस दुनिया में हर व्यक्ति की अपनी दुनिया और उनकी अपनी समस्या होती है। उनके तनाव को कम करने के लिए टॉक थैरेपी, हीलिंग थैरेपी, डांस थैरेपी, कम्युनिटी स्पेस, प्ले, इनफिनिटी, फ्रीडम, विजडम थैरेपी को तैयार किया है। दो घंटे के सत्र में दामिनी खुद से खुद को पहचानने की कला सिखाती हैं।

ऐसा स्टार्टअप चलाना मुश्किल : दामिनी बताती हैं कि इस तरह का अनोखा स्टार्टअप चलाना बेहद मुश्किल है। लोग मानने को तैयार नहीं कि उन्हें कोई परेशानी है। दूसरे के सामने अपने सीक्रेट साझा नहीं करना चाहते। जो हमसे जुड़ते हैं, उन्हें हम बताते हैं कि खुद की समस्या को खुद से ज्यादा कोई नहीं जानता। इसलिए खुद तय करो कि उसका समाधान कैसे हो सकता है।

हर किसी के लिए अलग थैरेपी : हर किसी को अलग दर्द व तनाव है। इसके लिए कुछ लोग लाइट म्युजिक सुनते हैं तो कुछ एकांत में बैठना चाहते हैं तो कुछ टॉक थैरेपी के कारण खूब रोते हैं, क्योंकि वह कहते हैं कि अमूक की मौत के बाद परिवार को संभालने के लिए उन्होंने अपने आंसू रोक लिए। लेकिन, उनकी थैरेपी से लोग जुड़ते हैं और खुद को हल्का महसूस करते हैं। दामिनी के पास घरेलू महिलाओं से लेकर 5 वर्ष के छोटे बच्चों के लिए भी अलग-अलग थैरेपी हैं।

शहर की 21 स्कूल जुड़े : बच्चे क्लास में शोर कर रहे हैं तो टीचर उनसे तेज शोर करते हुए बच्चों को चुप कराते हैं। क्लास में बच्चों को कैसे पढ़ाना है? उनसे कैसे जुड़ना चाहिए? दामिनी की क्लास से टाटा एजुकेशन एक्सिलेंस प्रोग्राम के तहत शहर के 21 स्कूलों के प्रिंसिपल व प्रबंधन जुड़े हैं। इनमें केपीएस, चिन्मया, तारापोर, बेल्डीह चर्च, आरएमएस, लिटिल फ्लावर, वैली व्यू, गुलमोहर, जुस्को के स्कूल शामिल हैं।

80 से 90 हजार की आमदनी : दामिनी बताती है कि उनका स्टार्टअप की सुविधा कॉरपोरेट जगत वाले लेते हैं तो प्रति सेशन 25 लोगों के लिए अलग चार्ज है। लेकिन, कम्युनिटी थैरेपी नि:शुल्क होती है। अगर किसी को लगता है कि सेशन से उन्हें आराम मिला है तो 50 से 500 रुपये तक स्वयं दे देते हैं। फिर भी प्रतिमाह दो लोगों की टीम 80 से 90 हजार रुपये की कमाई करती है।

दामिनी का परिचय : दामिनी टीआरएफ कंपनी के प्रवक्ता राजन सहाय की बेटी है। सेक्रेट हार्ट कान्वेंट से 12वीं करने के बाद दामिनी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से साइकोलॉजी में स्नातक और डॉ. अम्बेडकर विश्वविद्यालय से मास्टर्स की डिग्री हासिल की। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस में नैदानिक मनोवैज्ञानिक (क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एंड डांस थैरपी मूमवेंट) की पढ़ाई की है।

इन्हें दे चुकी हैं अपनी सेवाएं : मैक्स हॉस्पिटल, टाटा एजुकेशन एक्सिलेंस प्रोग्राम (टीईईपी) टाइम्स ऑफ इंडिया, आदित्य बिड़ला ग्रुप स्कूल, अक्षरा फाउंडेशन सहित अन्य।

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