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21 अक्तूबर, 2020|2:17|IST

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कोल लाको बोदरा की पुण्यतिथि में दिखा सोशल डिस्टेंस

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आदिवासी हो समाज युवा महासभा ने सोमवार को शहर के अलग-अलग जगहों पर हो भाषा वारांग चिति लिपि के जनक ओत गुरु कोल लाको बोदरा की 34 वीं पुण्यतिथि मनाई। इस उपलक्ष्य में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। लॉकडाउन का पालन करते हुए लाको बोदरा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यकर्ताओं ने सोशल डिस्टेंस का पालन किया। युवा महासभा के जिला अध्यक्ष सुरा बिरूली ने कहा कि आज भी हो समुदाय के लोग हो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। राज्य में हो भाषा को द्वितीय राजभाषा का दर्जा तो मिला लेकिन ना तो शिक्षकों की बहाली हुई ना ही हो भाषा की किताबें सरकारी स्तर पर छापी जा रही है। उन्होनें कहा लोकसभा, विधानसभा चुनाव के वक्त झारखंड में झामुमो और भाजपा और ओड़िशा में कांग्रेस पार्टी ने अपनी चुनावी घोषणा पत्र में हो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की घोषणा की थी। लेकिन ये घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला बनकर रह गयी। आज भी हो भाषी लोग सरकारी योजना से कोषों दूर है। इस श्रद्धांजलि सभा में उपेंद्र बानरा, कांडेयोंग, सुरा बिरूली समेत अन्य लोग मौजूद रहें। वहीं बागुनहातु के अध्यक्ष शिव चरण बारी की अगुवाई में बागुनगर भवन में ओत गुरु कोल लाको बोदरा की तस्वीर पर उनकी पुण्यतिथि पर माल्यार्पण किया गया। मौके पर नायक बानरा, शिल्पी हेम्ब्रम, विश्वजीत, दीपक बराय, संजय बोदरा, सिकंदर बानरा मौजूद रहें।

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  • Web Title:Social distance seen on the death anniversary of Kol Lako Bodra