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खामोशी से देशना ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ लड़ेगी जंग, मूक-विधिरों को दिया मंत्र

मिस डेफ एशिया 2018 देशना जैन ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ जंग लड़ेंगी और मूकबधिरों बच्चों को प्रतिभा साबित करने में मददगार बनेंगी। देशना ने शनिवार को टिप्स दिए साथ ही हौसलाफजाई भी की। यहां तक कहा कि यदि दिव्यांगों को मौका मिले तो वो भी हर क्षेत्र में सफलता का झंडा गाड़ सकते हैं। देशना खामोशी विद लाइफ में सोनारी के कारमले बाल विहार के मूकबधिर बच्चों को संबोधित कर रही थीं। साइन लैंग्वेज में बात करते हुए देशना ने कहा कि समाज के सभी वर्ग उन्हें उपेक्षित मानते हैं और उन्हें आंतरिक गुण साबित करने का उचित अवसर नहीं दिया जाता। उन्हें एक अवसर की दरकार है। देशना शहर में ला-ग्रेविटी (टी-कैफे) जमशेदपुर द्वारा संचालित ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान हॉर्न फ्री टाटा के ब्रांड एंबेसडर चुने जाने के तहत आई हैं। देशना ने कहा समाज ध्वनि प्रदूषण से लड़ रहा है। यदि नहीं सुनने वाले लोग शोर के बिना जी सकते हैं, तो सामान्य व्यक्ति भी ऐसा कर सकता है। यह एक तरह का ध्यान है और लोगों को अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण या हॉर्न नहीं बजाना चाहिए। देशना के पिता देवेंद्र कुमार जैन एवं दिव्या जैन ने कहा कि वह अन्य सामान्य लड़कियों की तरह प्रतिभाशाली हैं और परिवार को उसके मूकबधिर होने का कोई अफसोस नहीं है। मूल रूप से इंदौर की देशना अभी स्नातक की छात्रा है और जल्द ही इटली में होने वाले मिस डेफ वर्ल्ड प्रतियोगिता में भाग लेंगी। इससे पहले 21 वर्षीय देशना ने ताइवान में हुए इस प्रतियोगिता में 25 देशों के प्रतिभागियों को हराया था। देशना मिस डेफ इंडिया 2018, मिस डेफ एशिया 2018 एवं थर्ड रनरअप ऑफ मिस डेफ इंटरनेशनल 2018 का खिताब जीत चुकी है

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  • Web Title:Silence will fight against noise pollution