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गजकेशरी और चंद्रमंगल योग में शुरू हुआ श्रावण, शिवभक्तों में उत्साह

गजकेशरी और चंद्रमंगल योग में शनिवार को श्रावण मास का शुभारंभ हुआ। गुरु पूर्णिमा और चंद्रग्रहण की पूजा के साथ श्रावण का संकल्प कर चुके शिवभक्तों में उत्साह दिखा। सुबह से मंदिरों में पूजा और जलाभिषेक के लिए तांता लगा रहा। सनातन धर्मावलंबियों ने ब्रह्ममुहूर्त में ही जगकर घरों और मंदिरों की सफाई की। चंद्रग्रहण में रात्रि जागरण करने वाले श्रद्धालु सुबह से ही श्रावणी मिजाज में थे। मंदिरों में सुबह महिलाओं की भीड़ ज्यादा उमड़ी। धीरे-धीरे युवाओं, पुरुषों और बुजर्गों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। अधिकामास के कारण 18 दिन विलंब से आए सावन को लेकर शिवभक्तों में काफी व्याकुलता थी। इस बार 30 जुलाई, 6, 13 और 20 अगस्त को सोमवारी व्रत पड़ रहा है। पहली सोमवारी में शिवभक्तों की भावी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति विशेष तैयारी में है। छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में पुराना सीपीएन क्लब सोनारी में शनिवार से श्रावणी रामायण शुरू हुआ। सांसद प्रतिनिधि संजीव कुमार एवं भाजपा सोनारी मंडल अध्यक्ष चुन्नू भूमिज अतिथि थे। समिति के अध्यक्ष कृष्णा प्रसाद ने स्वागत किया। महासचिव शंकर लाल ने कहा कि 26 अगस्त तक श्रावणी रामायण होगा। शंकर मास्टर, तुलाराम रजक एवं लखन राम साहू ने कथावाचन किया। वाद्य यंत्र में जीवन राम साहू, लक्ष्मण ठाकुर राम साहू ने संगत किया। सुदामा निषाद, कन्हैया लोधी, भगतमाला, चमन गेंदवाल और महिला मंडल की सदस्यों का योगदान रहा।

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  • Web Title:Shravan started in Gaskeshari and Chandramangal yoga