DA Image
22 नवंबर, 2020|11:59|IST

अगली स्टोरी

दो कंप्यूटर ऑपरेटर के भरोसे सात रजिस्ट्रेशन काउंटर

default image

कोरोना काल में कोल्हान के एक मात्र सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में जान जोखिम में डालकर काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर और आउटसोर्स कर्मियों को अचानक ड्यूटी से बिठा दिया गया है। निजी एजेंसी शिवा इंटरप्राइजेज के अधीनस्थ ये सारे कर्मी काम करते थे। इनकी संख्या तकरीबन 35 से अधिक है। एमजीएम में कुल सात रजिस्ट्रेशन काउंटर हैं। इसके लिए सात कंप्यूटर ऑपरेटर की जरूरत है, लेकिन दो कंप्यूटर ऑपरेटर से काम चलाए जा रहे हैं। ऐसे में अस्पताल के संचालन पर खतरा मंडराने लगा है।

कर्मचारियों ने बताया कि शनिवार सुबह एजेंसी प्रतिनिधि ने कंप्यूटर ऑपरेटरों समेत करीब 35 कर्मचारियों को उपस्थिति न बनाने और रविवार से ड्यूटी न आने का फरमान जारी कर दिया। जानकारी मिलने पर अस्पताल प्रबंधन ने एजेंसी प्रतिनिधि व कर्मचारियों को बुलाकर बैठक की। लेकिन बैठक बेनतीजा रही। अस्पताल प्रबंधन ने बताया गया कि फिलहाल कर्मचारियों से आगामी 10 दिनों तक अवैतनिक काम करने की अपील की गई है। शीर्ष पदाधिकारियों से मंतव्य लेकर जल्द कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।

अतिरिक्त कर्मचारियों के भुगतान में असमंजस

सरकार द्वारा एमजीएम में केवल कंप्यूटर ऑपरेटर के दो पद सृजित किये गये हैं। जबकि रजिस्ट्रेशन काउंटर सात हैं। पूर्व में जब पांच काउंटर थे, तब 28-29 कंप्यूटर ऑपरेटर हुआ करते थे। जैसे-तैसे जुगाड़ लगाकर 10 कंयूटर ऑपरेटर से काम लिया जा रहा है। वहीं वार्ड गर्ल, वार्ड ब्वॉय समेत कई महत्वपूर्ण पद सिरे से समाप्त कर दिये गये हैं। जिसके चलते कुछ अनावश्यक पदों पर वार्ड गर्ल व वार्ड ब्वॉय रखे गये हैं। इन्हीं अतिरिक्त कर्मचारियों के भुगतान में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। एजेंसी इन कर्मियों को भुगतान कर रही है, पर सरकार द्वारा इनके लिए एजेंसी को भुगतान नहीं हो रहा। इधर अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि एजेंसी फर्जी बिल बना रही है, जिसे रोक दिया गया है। एजेंसी को पिछले पांच महीने से भुगतान नहीं हुआ है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Seven registration counters depending on two computer operators