Hindi NewsJharkhand NewsJamshedpur NewsSCCI Welcomes Balanced Union Budget 2026-27 for Self-Reliant India and Infrastructure Development
कोल्हान के उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार सृजन की उम्मीद: चैम्बर

कोल्हान के उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार सृजन की उम्मीद: चैम्बर

संक्षेप:

सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एससीसीआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट का स्वागत किया है। चैम्बर का मानना है कि यह बजट कोल्हान क्षेत्र में उद्योगों के विकास को बढ़ावा देगा और रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और पर्यटन को नई गति मिलने की संभावना भी जताई गई।

Feb 02, 2026 06:22 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
share Share
Follow Us on

सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एससीसीआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत केंद्रीय बजट का स्वागत करते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत, आधारभूत संरचना विकास और जनकल्याण की दिशा में संतुलित बजट बताया है। चैम्बर का मानना है कि इस बजट से कोल्हान क्षेत्र में उद्योगों के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। चैम्बर के अनुसार, राजकोषीय घाटे को 4.5 प्रतिशत से घटाकर 4.4 प्रतिशत करना और अगले वर्ष इसे 4.3 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य सरकार के जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है। आत्मनिर्भर भारत के तहत देश में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने की नीति से घरेलू उत्पादन, उद्योग और रोजगार को मजबूती मिलेगी।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के लिए किए गए प्रावधानों को भी चैम्बर ने सराहा, साथ ही कहा कि पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलने से झारखंड को भी लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर की 17 दवाओं की कीमत घटाने और रांची में मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की स्थापना व उन्नयन की घोषणा को चैम्बर ने जनहितकारी कदम बताया। वहीं एफ एंड ओ पर एसटीटी बढ़ाने को लेकर कहा गया कि इससे ट्रेडर्स पर असर पड़ सकता है, लेकिन अनावश्यक सट्टेबाजी पर नियंत्रण और छोटे निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। चैम्बर ने विश्वास जताया कि यह बजट व्यापार-उद्योग, एमएसएमई, निवेश और समावेशी विकास को नई दिशा देगा। इस अवसर पर चैम्बर भवन, बिष्टूपुर में केंद्रीय बजट का लाइव टेलीकास्ट भी आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पदाधिकारी शामिल हुए। बजट के बाद बाजार में आई तेज गिरावट चर्चा का विषय बनी। पदाधिकारियों ने कहा कि इतनी तेज गिरावट पहली बार देखने को मिली, वहीं झारखंड का नाम सीधे न आने से भी कई लोग असमंजस में दिखे।