
करनडीह में जिल जोम 29-30 को
संक्षेप: संथाल आदिवासियों का महामिलन समारोह, जिसे जिल जोम कहा जाता है, करनडीह में 29-30 दिसंबर को आयोजित होगा। इस समारोह में गांव की ब्याही बेटियों का सम्मान किया जाएगा और सामूहिक भोज का आयोजन किया जाएगा। यह पर्व हर पांच साल में होता है और इसे दोसोन उत्सव भी कहा जाता है।
संथाल आदिवासियों के महामिलन समारोह की तैयारियाँ पूरी कर ली गई गई। करनडीह में जिल जोम 29-30 को आयोजित किया जाएगा। इसके बाद लगातार पूर्वी सिंहभूम जिले में जिल जोम का आयोजन किया जाएगा। बताते चलें कि जिल जोम समारोह आदिकाल से ही चली आ रही संथाल समाज की ऐसी पारंपरिक महामिलन समारोह है, जिसमें गांव की ब्याही बेटियों के सम्मान में गांव-गांव में सामूहिक भोज का आयोजन किया जाएगा। गांव के सभी घरों की बेटियों को निमंत्रण देकर बुलाया जाएगा और गांव में संथालों के पूजा स्थल जाहेरथान में एक साथ पूरे गांव की बेटियों के लिए भोज का आयोजन किया जाएगा।

यह भोज शाम को सूरज ढलने के बाद आयोजित होता है, जिसमें गांव के हर घर की ब्याही बेटियों को दामाद के साथ भोज खिलाया जाता है। हर पांच साल के अंतराल में इस समारोह का आयोजन सभी संथाल आदिवासी बहुल गांव में अनिवार्य रूप से किया जाता है। इस बार भी कोल्हान के हर गांव में दिसंबर में बीच इस पारंपरिक जिल जोम का आयोजन किया जाएगा। इसे आदिवासी संताल समाज में विशिष्ट उत्सव का दर्जा प्राप्त है। इस पर्व को दोसोन (जिलजोम) उत्सव भी कहा जाता है। यह पर्व हर पांच वर्षों में दिसंबर माह में आयोजित होता है, जो पूरे महीने तक संताल बहुल गांवों में उल्लास और उत्साह का संचार करता है।

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