
सड़क सुरक्षा माह में भी नहीं थमे हादसे, 20 दिन में 10 मौतें
जिले में सड़क सुरक्षा माह चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद सड़क हादसों में कमी नहीं आ रही है। 20 दिनों में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। एनएच-18 पर सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं हो रही हैं, जहां खड़े भारी वाहनों के कारण कई जानें जा चुकी हैं। स्थानीय लोग जागरूकता कार्यक्रमों के प्रभाव को केवल कागजी बताते हैं।
जिले में सड़क सुरक्षा माह चल रहा है, लेकिन सड़क हादसों पर इसका कोई ठोस असर नजर नहीं आ रहा है। 1 जनवरी से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह के तहत जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां और गोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। बीते 20 दिनों में जिले के विभिन्न इलाकों में हुई सड़क दुर्घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जो सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं एनएच-18 पर हो रही हैं। इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहन हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं।
रात के समय बिना संकेतक या रिफ्लेक्टर के खड़े ट्रक, ट्रेलर और अन्य भारी वाहन तेज रफ्तार वाहनों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। कई मामलों में बाइक और छोटे वाहन सीधे इन खड़े वाहनों से टकरा गए, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जिले में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं एमजीएम थाना क्षेत्र के भिलाई पहाड़ी इलाके में हो रही हैं। यह क्षेत्र पहले से ही दुर्घटना संभावित माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद यहां सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। वहीं, साकची थाना क्षेत्र अंतर्गत हाथी घोड़ा मंदिर के पास भी लगातार हादसे हो रहे हैं। संकरी सड़क, तेज रफ्तार और अव्यवस्थित ट्रैफिक के कारण यह इलाका भी ब्लैक स्पॉट के रूप में उभरता जा रहा है। ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान रोज कहीं न कहीं कार्यक्रम तो हो रहे हैं, लेकिन इनका असर सिर्फ कागजों और मंचों तक सीमित है। जमीनी स्तर पर न तो ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है और न ही दुर्घटना संभावित स्थानों पर ठोस सुधार किए जा रहे हैं। ----- हादसों को रोकने के लिए ग्रामीण स्तर पर कार्यक्रम चलाने की योजना है। साथ ही सड़क पर खड़े वाहनों को नियमित रूप से हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। कुमार शिवाशीष, सिटी एसपी, जमशेदपुर

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