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पिछले साल 100 से अधिक मौतें हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं पहनने से

पिछले साल 100 से अधिक मौतें हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं पहनने से

संक्षेप:

पूर्वी सिंहभूम में सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों की लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही है। हर साल सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है, लेकिन हादसों में सुधार नहीं हो रहा है। 2025 में 273 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 176 मौतें हुईं। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करने से कई जानें गईं।

Jan 12, 2026 02:52 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
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पूर्वी सिंहभूम में सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों की लापरवाही लगातार भारी पड़ रही है। हर साल सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है, लोगों को जागरूक किया जाता है, लेकिन हादसों में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। देश भर में 11 से 17 जनवरी सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। जिले में तो जागरूकता वाहन निकालकर लोगों को रोड सेफ्टी के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रही है। पुलिस और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का भी आमलोगों पर अपेक्षित प्रभाव नहीं दिख रहा है, जिसका नतीजा लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के रूप में सामने आ रहा है।

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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में पूर्वी सिंहभूम में कुल 273 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 176 लोगों की जान जा चुकी है। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि 100 से अधिक मौतें केवल हेलमेट या सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने के कारण हुईं। चिंताजनक यह है कि अकेले नवंबर और दिसंबर में ही 20 से अधिक सड़क हादसे हुए, जिनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोपहिया वाहन चालकों में हेलमेट पहनने को लेकर लापरवाही देखी जा रही है, जबकि चारपहिया वाहन चालक भी सीट बेल्ट को नजरअंदाज कर रहे हैं। तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी हादसों का प्रमुख कारण बन रहे हैं। हाल ही में 10 जनवरी को मानगो बस स्टैंड के पास हुए एक हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मौके पर ही पति की मौत हो गई, जबकि पत्नी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक पेशे से एलआईसी एजेंट थे। उनके दो बच्चे अनाथ हो गए हैं। लोगों का कहना है कि शाम के वक्त भारी वाहनों की आवाजाही दुर्घटना का प्रमुख कारण बन रही है। इसके अलावा लापरवाही से ड्राइविंग भी दुर्घटना का प्रमुख कारण है। शहर में गलत दिशा में ड्राइविंग आदि पर कोई रोक नहीं है, जिससे हादसे बढ़ रहे हैं।