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28 फरवरी, 2020|1:48|IST

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भारत में नहीं के बराबर हो रहे हैं शोध

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ग्रेजुएट कॉलेज में सीएसआईआर-एनएमएल एनएएसआई झारखंड चैप्टर, अन्वेषण तथा ग्रेजुएट कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे दो दिवसीय विज्ञान सम्मेलन का बुधवार को समापन हो गया। सम्मेलन के आखिरी दिन मुख्य अतिथि के तौर पर सीएसआईआर-एनएमएल के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अभिलाषा मौजूद रहीं। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में अन्य देशों के तुलना में शोध बहुत कम हो रहे हैं। हमारे देश में विज्ञान के क्षेत्र में मात्र 1.49 प्रतिशत ही शोध हो रहे हैं, जबकि अमेरिका में इसका अनुपात 139.5, चीन में 122.4, जापान में 71 प्रतिशत, जर्मनी में 28 फीसदी तथा फ्रांस में 20.4 फीसदी शोध हो रहे हैं। हमें इस क्षेत्र में लोगों में रुचि पैदा करनी होगी, ताकि वे शोध कार्य के क्षेत्र में योगदान दे सकें।

राजेंद्र विद्यालय की प्राचार्या राखी बनर्जी ने कहा कि छात्रों को चाहिए कि वे आपस तर्क तथा शोध परियोजना करें। साथ ही क्लास में पढ़ाए गए पाठ को घर जाकर दोहराएं कि क्या सीखा। सम्मेलन में अन्य कॉलेज के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा प्रायार्च मौजूद थे। मंच संचालन मीनू वर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन डोरिस दास ने किया।

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  • Web Title:Research is not being done in India