Hindi NewsJharkhand NewsJamshedpur NewsRegional Innovation Mentoring Session at Arka Jain University for PM Shri Schools and Jawahar Navodaya Vidyalayas
अरका जैन विश्वविद्यालय में जुटे पीएम श्री विद्यालयों व जवाहर नवोदय विद्यालयों के 120 शिक्षक

अरका जैन विश्वविद्यालय में जुटे पीएम श्री विद्यालयों व जवाहर नवोदय विद्यालयों के 120 शिक्षक

संक्षेप:

अरका जैन विश्वविद्यालय में 28 जनवरी से पीएम श्री विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय 'क्षेत्रीय नवाचार मेंटरिंग सत्र' की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत नवाचार और समस्या-समाधान कौशल को विकसित करना है।

Jan 31, 2026 12:28 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
share Share
Follow Us on

गम्हारिया स्थित अरका जैन विश्वविद्यालय में 28 जनवरी से पीएम श्री विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय 'क्षेत्रीय नवाचार मेंटरिंग सत्र' की शुरुआत की गई। एआईसीटीई, शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और वाधवानी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए 120 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। इस तीन दिवसीय सत्र का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन को धरातल पर उतारते हुए स्कूली स्तर पर नवाचार, रचनात्मकता और समस्या-समाधान कौशल को विकसित करना है।कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि और एआईसीटीई के नोडल हेड विधिकर विशाल ने किया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए छात्रों और शिक्षकों के भीतर उद्यमशील सोच और नवाचार का होना अनिवार्य है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर डॉ. अंगद तिवारी और कुलसचिव डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने भी उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला।सत्र के पहले दिन वाधवानी फाउंडेशन के विशेषज्ञों ने 'डिज़ाइन थिंकिंग' जैसे आधुनिक विषयों पर गहन चर्चा की। डॉ. अरविंद देशमुख और पल्लवी बिरादार ने प्रतिभागियों को सिखाया कि कैसे अपनी नवाचार यात्रा में आने वाले अंतरालों की पहचान की जाए और सहानुभूति व विचार सृजन के माध्यम से वास्तविक जीवन की समस्याओं का रचनात्मक समाधान ढूंढा जाए। इसके अलावा, शिक्षा मंत्रालय की विभिन्न नवाचार पहलों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस कार्यशाला से न केवल शिक्षकों में शिक्षण-अधिगम की नई प्रेरणा जगी है, बल्कि छात्रों में भी तकनीकी और नवाचार-आधारित समझ विकसित हो रही है। यह आयोजन विद्यालयी शिक्षा को राष्ट्रीय स्तर की नीतियों और आधुनिक कौशल से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रहा है।