ओडिशा के रायरंगपुर एयरपोर्ट से दो महीने में शुरू होगी उड़ान सेवा
टाटानगर स्टेशन से 65 किमी दूर ओडिशा के रायरंगपुर में एयरपोर्ट डेढ़-दो महीने में शुरू होगा। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय उड़ान सेवा को बढ़ावा देना है, जिससे स्थानीय निवासियों को विमान सेवा का लाभ मिलेगा। साथ ही, युवाओं को विमान उड़ाने की ट्रेनिंग भी मिलेगी।

टाटानगर स्टेशन से 65 किमी दूर ओडिशा के रायरंगपुर में डेढ़-दो महीने में एयरपोर्ट शुरू होगा। इससे झारखंड, ओडिशा व छतीसगढ़ के लिए विमान सेवा शुरू हो सकती है। केंद्रीय उड्डयन विभाग से रायरंगपुर एयरपोर्ट को क्षेत्रीय उड़ान सेवा की मंजूरी मिलने की सूचना है। बताया जाता है कि रायरंगपुर में एयरपोर्ट बनाने का काम अंतिम चरण में है। विमान के लिए सिग्नल व राडार सिस्टम लगाने के साथ फ्लाइट टर्मिनल भवन व यात्री सुविधा अपग्रेड किया जा रहा है। वहीं, यात्री सुरक्षा, लगेज जांच, वेटिंग एरिया, इंफॉर्मेशन काउंटर, वाईफाई, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, शौचालय, स्वच्छ पानी, व्हीलचेयर और मेडिकल हेल्प की व्यवस्था की जा रही है।
मालूम हो कि रायरंगपुर दांडबोस की वर्षों पुराने हवाई पट्टी का विकास क्षेत्रीय उड़ान सेवा के लिए हुआ है। इसका उद्देश्य ओडिशा के दूरदराज क्षेत्र का व्यवसाय से आर्थिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा देना है। इससे ग्रामीण इलाके के निवासी भी विमान सेवा का लाभ उठा सकेंगे। रायरंगपुर से विमान सेवा शुरू होने पर जमशेदपुर और कोल्हान के यात्रियों को भी उड़ान सेवा का लाभ मिलेगा, क्योंकि धालभूमगढ़ एयरपोर्ट नहीं बनने से जमशेदपुर के निवासियों को रांची या कोलकाता जाकर विमान से यात्रा करनी पड़ती है। युवाओं को मिलेगी विमान उड़ाने की ट्रेनिंग रायरंगपुर एयरपोर्ट शुरू होने पर युवाओं को विमान उड़ाने की ट्रेनिंग लेने में सहूलियत होगी, क्योंकि एजेंसी रायरंगपुर से विमान उड़ाने की ट्रेनिंग देने के लिए स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है। जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट से भी विमान उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है। 200 घंटे तक विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
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