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ट्रेनों को एस्कॉट नहीं करती रेल पुलिस

चलती ट्रेन में अपराध रोकने के लिए ट्रेनों में एस्कॉट बल की जरूरत है। टाटानगर जीआरपी में 458 के बदले 153 कार्यबल है। टाटानगर में रेल पुलिस के जवान एस्कॉट ड्यूटी नहीं करते हैं, क्योंकि जमशेदपुर रेल पुलिस मुख्यालय में क्षमता से तीन सौ से अधिक जवान व अधिकारी कम हैं। रेल पुलिस बीते एक दशक से संख्या बल में कमी से जूझ रही है। पत्राचार करने पर भी जवान नहीं मिले, बल्कि सेवानिवृत्ति के कारण पद रिक्त होते जा रहे हैं। इससे नए रेल एसपी अंशुमान कुमार को ट्रेनों एवं स्टेशनों पर यात्रियों को सुरक्षा देने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। यात्री सुरक्षा व वीआईपी ड्यूटी से परेशान जवानों का ही बोझ बढ़ेगा। इधर, रेल थानों का ग्रेड बढ़ गया लेकिन जरूरत के अनुसार अफसर मुख्यालय में नहीं है। इस वजह से सहायक अवर निरीक्षक आज कई थानों में प्रभारी हैं। जमशेदपुर रेल पुलिस में आठ थाने व आधा दर्जन आउट पोस्ट हैं। मुख्यालय में भी डीएसपी, इंस्पेक्टर, दारोगा, एएसआई व हवलदार-सिपाही भी जरूरत के अनुसार नहीं हैं।

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  • Web Title: Rail Police does not escort trains