
भुइयांडीह में अतिक्रमण हटाने के खिलाफ सरकार का पुतला फूंका
भुइयांडीह में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान कई परिवारों के घरों को तोड़ने के खिलाफ केंद्रीय विकास समिति ने बिरसा मुंडा चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। समिति के मुख्य संरक्षक दुलाल भुइयां ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने बिना नोटिस के 110 घरों को तोड़ा। पीड़ितों की मदद के लिए सामाजिक संगठनों ने खाद्य सामग्री और कंबल उपलब्ध कराए।
भुइयांडीह में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान दर्जनों परिवारों के उजड़े आशियानों के विरोध में केंद्रीय विकास समिति ने सोमवार को बिरसा मुंडा चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक दुलाल भुइयां ने किया। पुतला दहन से पहले मुख्यमंत्री का सांकेतिक शव यात्रा भी निकाली गई। प्रेसवार्ता में दुलाल भुइयां ने आरोप लगाया कि 26 नवंबर को संविधान दिवस के दिन जिला प्रशासन, अंचलाधिकारी और टाटा समूह की लैंड एजेंसियों ने बिना सूचना और बिना नोटिस दिए भुइयांडीह में करीब 110 घर-दुकान तोड़ दिए। इससे परिवारों का सामान नष्ट हुआ और कई लोग कड़ाके की ठंड में श्मशान घाट में ठहरने को मजबूर हुए।

उन्होंने कहा कि घटना के बाद न सरकार की ओर से कोई मदद मिली और न ही टाटा स्टील प्रबंधन सामने आया। ऐसे में सामाजिक संगठनों अखिल भारतीय भुइयां समाज कल्याण समिति, झारखंड मजदूर यूनियन, नारी ज्योति उत्थान समिति की ओर से दाल, चावल, कंबल और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। दुलाल भुइयां ने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ितों की मदद करने के कारण उनके खिलाफ साजिशन सीतारामडेरा थाना में झूठी शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि मोहन कर्मकार और प्रमोद लाल के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी है और मानहानि का मामला हाईकोर्ट में दायर किया जाएगा। कार्यक्रम में निमाई मंडल, कुंज विभार, विपलव भुइयां, बलदेव भुइयां सहित कई लोग मौजूद थे।

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