
जमशेदपुर : कारोबारी पुत्र के अपहरण में पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया
शहर के कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण के मामले में पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया है। ये युवक संदिग्ध स्थिति में सीसीटीवी में कैद हुए थे। पुलिस विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही है और अपहरण में शामिल गिरोह की तलाश कर रही है। डीआईजी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए समीक्षा की है।
शहर के कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण में पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। ये युवक घटना के समय संदिग्ध हालत में कदमा–सोनारी लिंक रोड के आसपास घूमते हुए सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए थे। फुटेज के आधार पर पुलिस की टीम ने इनपर शिकंजा कसा। 13 जनवरी की दोपहर कैरव के अपहरण के बाद से ही पुलिस की कई टीमें लगातार कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। जांच में लोकल कनेक्शन सामने आने के बाद कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस को आशंका है कि अपहरण में बाहरी गिरोह के साथ स्थानीय युवकों की भी अहम भूमिका है।
हालांकि चौथे दिन भी कैरव का सुराग ढूंढने में पुलिस विफल रही। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिन तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है, सीसीटीवी फुटेज में उनकी गतिविधियां असामान्य पाई गईं, जिसके बाद तकनीकी सेल और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर तीनों को उठाया और अब उनसे अपहरण की साजिश, रेकी और संपर्कों को लेकर पूछताछ की जा रही है। डीआईजी ने की समीक्षा बैठक इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने अपहरण कांड की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कीमत पर कैरव गांधी को सुरक्षित बरामद किया जाए। डीआईजी ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ मानवीय स्रोतों को भी सक्रिय करने पर जोर दिया। साथ ही सीमावर्ती इलाकों और अंतरराज्यीय रूट पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। गिरोह तलाश में दूसरे राज्यों में भी छापेमारी जांच में सामने आया कि अपहरणकर्ता चंदन सोनकर गिरोह से जुड़े हैं। गिरोह के प्रमुख सदस्यों में जॉन और छोटू यादव का नाम सामने आया है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह पहले भी कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रह चुका है और अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए वारदात को अंजाम देता है। पुलिस अब इनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारी लगातार सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स का विश्लेषण कर रहे हैं। इसके साथ ही सीसीटीवी में जो लोग घटना के वक्त या आसपास दिखे, उन सभी का हुलिया के आधार पर पता लगाया जा रहा है। परिवार के करीबियों को ही मिलने की अनुमति कैरव के परिजनों से मिलने वालों का तांता लगा हुआ है। मुलाकात की इजाजत सिर्फ उनलोगों को है, जो इस परिवार से करीब हैं। परिवार ने पुलिस से जल्द सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही अपहरणकर्ताओं तक पहुंच बनाई जाएगी। फिलहाल तीनों हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि इनके जरिए अपहरण की पूरी कड़ी सामने आएगी।

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