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26 जनवरी, 2021|5:56|IST

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उम्र संबंधी विवाद पर टाटा स्टील ने कहा- का टिस्को निबंधित श्रमिक संघ को मुद्दा उठाने का अधिकार नहीं

उम्र संबंधी विवाद पर टाटा स्टील ने कहा- का टिस्को निबंधित श्रमिक संघ  को मुद्दा उठाने का अधिकार नहीं

टाटा स्टील प्रबंधन ने निबंधित कर्मचारी पुत्रों की बहाली में उम्र संबंधी विवाद पर टिस्को निबंधित श्रमिक संघ को झटका दे दिया है। प्रबंधन ने दो टूक कहा कि टिस्को निबंधित श्रमिक संघ निजी संगठन है, जो अलग-अलग समय पर अलग-अलग मुद्दे उठाता रहा है। इस तरह के व्यक्तिगत संगठन को नियोजन संबंधित मुद्दा उठाने का कोई अधिकार नहीं है। टाटा स्टील की एकमात्र बार्गेनिंग एजेंसी टाटा वर्कर्स यूनियन है, जिससे प्रबंधन बातचीत करती है। यह जानकारी टाटा स्टील प्रबंधन ने लिखित रूप में 28 दिसंबर को उपश्रमायुक्त राजेश प्रसाद को जवाब के तौर उपलब्ध कराई है। उपश्रमायुक्त ने मुख्यमंत्री सचिवालय से जारी आदेश पर टाटा स्टील से जवाब मांगा था।

प्रबंधन ने बताया कि टाटा स्टील ने रजिस्टर्ड रिलेशंस के इंगेजमेंट के लिए स्पेशल ड्राइव शुरू किया है। टाटा वर्कर्स यूनियन के साथ हुए वर्तमान समझौते के तहत प्रबंधन कोरोना की स्थिति सामान्य होने के बाद निबंधित कर्मचारी पुत्रों की बहाली प्रक्रिया शुरू करेगा। टाटा स्टील के एचआरएम के लीगल हेड के हस्ताक्षर से डीएलसी को सौंपे गए जवाब में कहा गया कि नियोजन पूरी तरह जरूरत आधारित और प्रबंधन के विवेक और विशेषाधिकार की परिधि में है। यह रिक्तियों की उपलब्धता और अन्य विशेष विवरणी उम्र, शैक्षणिक योग्यता, स्किल, फिजिकल फिटनेस (लिखित टेस्ट, इन्टरव्यू आदि) पर निर्भर करती है। इन क्षेत्रों में किसी प्रकार का हस्तक्षेप कानून के मुताबिक न्यायसंगत नहीं है। इसके पक्ष में प्रबंधन ने जवाब में 14 अक्तूबर 2014 और 20 जुलाई 2015 के झारखंड हाईकोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया है और आदेश की प्रति उपलब्ध कराई है। प्रबंधन ने इन दलीलों के साथ उपश्रमायुक्त से कहा कि भविष्य में वे अब इस मामले पर कोई विचार नहीं करेंगे और मामले को समाप्त समझेंगे। प्रबंधन ने करीब दो पन्नों में यह जवाब सौंपा है।

क्या है मामला : टाटा स्टील में निबंधित कर्मचारी पुत्रों की बहाली में उम्र सीमा 42 साल से बढ़ाने के लिए टिस्को निबंधित श्रमिक संघ लगातार आंदोलन कर रहा है। संघ कानूनी लड़ाई के साथ यूनियन नेताओं को घेर रहा है। संघ ने इस मामले में हस्तक्षेप के लिए मुख्यमंत्री को पत्र दिया था। मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस पत्र के आलोक में उपश्रमायुक्त को मामले की जांच का आदेश जारी किया था। सीएम सचिवालय से जारी आदेश के आलोक में डीएलसी राजेश प्रसाद ने टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन को नोटिस जारी कर 28 दिसंबर तक जवाब मांगा था।

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  • Web Title:On the age-related dispute Tata Steel said - Tisco essayed labor union has no right to raise the issue