हाइवे पर फ्लाईओवर निर्माण में अव्यवस्था से सांसत में जान

Jan 31, 2026 05:48 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
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शहर में एनएच-33 पर चल रहे फ्लाईओवर के निर्माण के कारण लोगों को हादसों का डर सता रहा है। बिना सूचना मार्ग बंद होने और डायवर्जन की सही व्यवस्था न होने से कई समस्याएं पैदा हो रही हैं। निर्माण सामग्री और गड्ढों के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।

हाइवे पर फ्लाईओवर निर्माण में अव्यवस्था से सांसत में जान

शहर में एनएच-33 पर चल रहा फ्लाईओवर का निर्माण अव्यवस्थित होने से लोगों को हादसे का डर सता रहा है। बिना सूचना मार्ग बंद करने और डायवर्जन की सही व्यवस्था नहीं करने, जहां-तहां रोज कट बंद कर देने और खोल देने के कारण रोज हादसों की आशंका बनी हुई है। कहीं अचानक सड़क बंद कर दी जाती है तो कहीं वाहनों को जबरन मोड़ दिया जाता है, जिससे टकराव का खतरा बढ़ गया है। यही नहीं, सड़कों को दोनों ओर नाले के लिए खोदा गया था, जिन पर मिट्टी डालकर भर दिया गया है। हालांकि कई जगह गड्ढों के कारण लोगों का चलना मुश्किल हो गया है।

सड़क किनारे निर्माण सामग्री रखने से भी दोनों ओर की सड़कें संकरी हो गई हैं। इसके साथ ही दिनभर वेल्डिंग के दौरान नीचे चिंगारी गिरती रहती है। ढलाई के दौरान सीमेंट और पानी भी वाहन चालकों पर गिर जाता है। इससे कई दोपहिया चालक गिरते-गिरते बचे। निर्माण के कारण दिन से लेकर रात भर धूल उड़ती रहती है। लेकिन धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव शायद ही कभी किया जाता है। जगह-जगह सड़क खोदकर गड्ढे छोड़ दिए गए हैं, जो रात में और खतरनाक हो जाते हैं, क्योंकि कई हिस्सों में लाइट की व्यवस्था नहीं है। दोनों ओर दो लेन में से एक लेन पर निर्माण सामग्री या वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम के साथ दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। फ्लाईओवर के ऊपर दिनभर वेल्डिंग का काम चलता रहता है। नीचे से गुजर रहे राहगीरों और दोपहिया चालकों पर चिंगारी, पानी और कभी-कभी सीमेंट तक गिरता रहता है, जिससे लोग जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सही डायवर्जन, बैरिकेडिंग, रोशनी और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो एनएच-33 पर कोई बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। लापरवाही कहीं पड़ न जाए भारी - डायवर्जन के दौरान किसी कर्मचारी की तैनाती नहीं रहती - साइन बोर्ड बड़ा नहीं होने और रोशनी अभाव में दूर से नहीं दिखता - सड़क दोनों किनारे से संकरी हो गई है। गड्ढे ही गड्ढे हैं रोड में - पानी का छिड़काव लगातार नहीं किया जाता, धूल फांक रहे हजारों लोग - जहां-तहां बड़े क्रेन लगे हैं, चलता रहता है काम, नीचे से जाते हैं लोग राहगीरों का दर्द कभी अचानक रास्ता बंद कर दिया जाता है तो समझ ही नहीं आता गाड़ी किधर मोड़ें। रोज डर लगा रहता है। -भवानी सिंह रात में गड्ढे दिखते ही नहीं, कई बार गिरते-गिरते बचा हूं। सड़क पर साइन बोर्ड लगाना जरूरी है। -निशिकांत मिश्रा एलिवेटेड निर्माण के चलते ऊपर से चिंगारी और पानी गिरता रहता है, बच्चों के साथ निकलना मुश्किल हो गया है। -जीवन सिंहदेव धूल इतनी उड़ती है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है। -विकास सिंह कोट::::::::::::::: हर डायवर्जन के पहले साइन बोर्ड लगाया गया है। जनता का सहयोग जरूरी है। लोगों को जागरूक होना होगा। धूल उड़ने से रोकने के लिए लगातार पानी का छिड़काव किया जाता है। लोग मना करने के बाद भी घेरे के दायरे से गुजरते हैं। ऐसे में लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। -कृष्ण मोहन शुक्ला, प्रशासक, एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड

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