
स्कूल में फेल होने के दो माह बाद फिर पास हो सकेंगे विद्यार्थी
अब पांचवीं और आठवीं कक्षा में फेल होने वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट नहीं किया जाएगा। उन्हें सुधार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा, लेकिन दूसरी बार भी फेल होने पर उन्हें उसी कक्षा में दोबारा पढ़ाई करनी होगी। कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं और अभिभावकों की काउंसिलिंग भी होगी।
अब पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षा में फेल होने वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षा में स्वतः प्रमोट नहीं किया जाएगा। हालांकि, फेल होने के बाद छात्रों को दो माह के भीतर परिणाम सुधारने और पास होने का एक और अवसर दिया जाएगा। इसके तहत फेल छात्रों को रिजल्ट घोषित होने के दो महीने के अंदर स्कूल स्तर पर सुधार परीक्षा देने का मौका मिलेगा। यह बदलाव नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 में किए गए संशोधन के तहत किया गया है। केंद्र सरकार ने स्कूलों में लागू नो डिटेंशन पॉलिसी को समाप्त कर दिया है। अब तक इस अधिनियम के तहत आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को फेल नहीं किया जाता था, लेकिन नए प्रावधान के अनुसार अब पास-फेल की व्यवस्था लागू होगी।
इससे संबंधित गजट का हाल ही में प्रकाशन किया गया है। गजट के अनुसार, यदि कोई विद्यार्थी पांचवीं या आठवीं कक्षा में फेल होता है, तो उसे दो माह के भीतर दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। दूसरी परीक्षा में भी असफल रहने पर विद्यार्थी को अगली कक्षा में प्रमोट नहीं किया जाएगा और उसे उसी कक्षा में दोबारा पढ़ाई करनी होगी। हालांकि, फेल होने के आधार पर किसी भी विद्यार्थी को आठवीं तक स्कूल से निकाला नहीं जा सकेगा। कमजोर विद्यार्थी के लिए लगेगी विशेष कक्षा प्रावधानों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित की जाएंगी और उनकी अलग से मॉनिटरिंग की जाएगी। फेल होने वाले छात्रों के अभिभावकों की विशेषज्ञों द्वारा काउंसिलिंग भी कराई जाएगी, ताकि बच्चों को पढ़ाई में आगे बढ़ने में सहयोग मिल सके।

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