जमशेदपुर में तकनीक का महाकुंभ: अरका जैन यूनिवर्सिटी में 'हैक होराइजन 2.0' का भव्य आगाज
लौहनगरी और सरायकेला में 'हैक होराइजन 2.0' हैकाथॉन का आयोजन हुआ। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में लगभग 800 टेक-जीनियस ने भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों को तकनीकी समस्याओं के समाधान ढूंढने के लिए एक मंच प्रदान करना है। प्रो. एस.एस. रज़ी और प्रो. डॉ. अंगद तिवारी ने नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया।
लौहनगरी और सरायकेला के क्षेत्र में इन दिनों कोडिंग और इनोवेशन की गूंज सुनाई दे रही है। अरका जैन यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड आईटी विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्र स्तरीय हैकाथॉन 'हैक होराइजन 2.0' का शुक्रवार को शानदार उद्घाटन हुआ। इस दो दिवसीय आयोजन ने जमशेदपुर और सरायकेला को एक मिनी 'सिलिकॉन वैली' में बदल दिया है, जहां देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए लगभग 800 टेक-जीनियस वास्तविक जीवन की जटिल समस्याओं के तकनीकी समाधान ढूंढने के लिए एक छत के नीचे जुटे हैं।गुगल डेवलपर ग्रुप्स (एजेयू), आईबीएम, कोड कंप्यूटर सोसाइटी और संस्थान नवाचार परिषद के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम को 'अरडेंट' द्वारा प्रायोजित किया गया है।
यह आयोजन न केवल छात्रों की कोडिंग क्षमता को परख रहा है, बल्कि उन्हें एक ऐसा मंच प्रदान कर रहा है जहां वे भविष्य के टेक लीडर के रूप में उभर सकें। शनिवार, 11 अप्रैल 2026 तक चलने वाले इस मुकाबले में नवाचार, समस्या समाधान और टीम वर्क का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।उद्घाटन समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एस.एस. रज़ी ने नवाचार-आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को भविष्य का सफल उद्यमी बनाने के लिए तैयार करते हैं। वहीं, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. अंगद तिवारी ने तकनीकी शिक्षा में व्यावहारिक अनुभव की महत्ता बताते हुए छात्रों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के निदेशक सह रजिस्ट्रार डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने भी उपस्थित रहकर प्रतिभागियों की हौसलाअफजाई की।कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अरविंद कुमार पांडे और डॉ. अश्विनी कुमार की अहम भूमिका रही है, जो इस पूरे आयोजन का संयोजन कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन को उम्मीद है कि यह हैकाथॉन न केवल नए प्रोटोटाइप विकसित करने में मददगार साबित होगा, बल्कि छात्रों के कौशल को 'इंडस्ट्री रेडी' बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगा। उद्घाटन सत्र के समापन पर समन्वयक प्रो. ममता वी. ने सभी अतिथियों और प्रायोजकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। तकनीक के इस महासंग्राम से आने वाले समय में कई क्रांतिकारी स्टार्टअप और समाधान निकलने की संभावना जताई जा रही है।
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