मानगो में तेज रफ्तार कार ने मचाया उत्पात, वाहनों को रौंदा, बच्ची समेत कई जख्मी
मानगो-आजादनगर क्षेत्र में एक नाबालिग द्वारा तेज रफ्तार ऑडी कार चलाने के दौरान कई वाहनों को टक्कर मारने से कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस की लापरवाही पर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोग नाबालिगों की पहचान और गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

मानगो-आजादनगर क्षेत्र में शनिवार दोपहर 12.45 बजे एक तेज रफ्तार ऑडी कार ने जमकर उत्पात मचाया। कार चला रहे नाबालिग ने भागने के दौरान कई वाहनों को टक्कर मार दी और एक बच्ची समेत कई लोगों को चोट पहुंची। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक हंगामा होता रहा। लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन कार सवार दोनों नाबालिग मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना की शुरुआत पारडीह-पटमदा मार्ग पर हुए किसी विवाद से हुई। बताया जाता है कि विवाद के बाद दो नाबालिग ऑडी कार लेकर वहां से तेजी से भाग निकले। भागने के दौरान राजमहल अपार्टमेंट के समीप कार ने आफताब आलम की कार को टक्कर मार दी, जिससे कार का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया。
घटनाक्रम का विस्तार
इसके बाद भी चालक ने वाहन नहीं रोका और तेज गति से आगे बढ़ गया। चेपापुल के पास कार ने एक स्कूटी सवार को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ दूरी आगे बढ़ने पर एक बच्ची को भी धक्का लग गया, जो दूसरे वाहन पर सवार थी। लगातार हो रही टक्करों से लोगों में आक्रोश फैल गया और स्थानीय लोग कार का पीछा करने लगे। लोगों के विरोध और भीड़ को देखकर चालक ने कार को अक्का गार्डेन मैरेज हॉल की ओर मोड़ दिया। कार को गार्डेन परिसर के अंदर ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन गेट के पास बने प्लेटफॉर्म से टकराकर वाहन रुक गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए और हंगामा शुरू हो गया। भीड़ बढ़ती देख कार सवार दोनों नाबालिग वाहन छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस की लापरवाही से नाराजगी
घटना के बाद काफी देर तक लोगों में नाराजगी बनी रही। स्थानीय लोगों का आरोप था कि सूचना मिलने के बावजूद पुलिस समय पर नहीं पहुंची। लोगों का कहना था कि यदि तत्काल कार्रवाई होती तो वाहन चला रहे नाबालिगों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सकता था। इस संबंध में आजादनगर थाना प्रभारी चंदन कुमार सिंह ने बताया कि हन्ने नामक एक कारोबारी ने फोन कर कहा था कि मामले को संबंधित लोग आपस में सुलझा लेंगे। इसी कारण कार को नहीं रोका गया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला केवल आपसी समझौते का नहीं था, बल्कि सार्वजनिक सड़क पर लापरवाही से वाहन चलाने और कई लोगों को नुकसान पहुंचाने का था।
स्थानीय लोगों की चिंताएं
लोगों में इस बात को लेकर भी आक्रोश देखा गया कि जब यह स्पष्ट था कि वाहन एक नाबालिग चला रहा था और उसके कारण दुर्घटनाएं हुईं, तब पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू क्यों नहीं की। लोगों का कहना है कि घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में कई सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनकी मदद से चालक की पहचान आसानी से की जा सकती थी।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और उससे होने वाली दुर्घटनाओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे पहले डोबो क्षेत्र और मानगो रोड नंबर-15 के पास भी नाबालिग चालकों से जुड़ी दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद नाबालिगों के वाहन चलाने पर प्रभावी रोक नहीं लग पाने से लोगों में चिंता बढ़ रही है
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