एमजीएम अस्पताल में अब टैंकर के भरोसे ऑपरेशन, स्थाई समाधान नहीं

Feb 11, 2026 02:12 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
share

एमजीएम अस्पताल में हाल ही में पानी की कमी के कारण तीन दिनों तक ऑपरेशन रद्द हुए। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ा, जबकि स्थायी समाधान के लिए सुवर्णरेखा नदी से पाइपलाइन का निर्माण प्रगति पर है। काम पूरा होने में डेढ़ महीने का समय लगेगा।

एमजीएम अस्पताल में अब टैंकर के भरोसे ऑपरेशन, स्थाई समाधान नहीं

एमजीएम अस्पताल अब ऑपरेशन के लिए निगम के टैंकरों पर ही निर्भर है। पिछले दिनों अस्पताल में पानी की किल्लत से तीन दिन तक ऑपरेशन नहीं हो सका। इस दौरान मरीजों और परिजन काफी परेशान हुए। हालांकि, उसके बाद टैंकर नियमित रूप से मिलने लगे और ऑपरेशन शुरू हो सका। मरीजों का कहना है कि इतने बड़े अस्पताल में आखिरकार कब तक टैंकरों के भरोसे ऑपरेशन होगा। बता दें कि एमजीएम अस्पताल का काम वहां हुई छह बोरिंग से चल रही थी। गर्मी शुरू होने से पहले ही बोरिंग फेल हो गई। घंटों चलाने के बाद भी टंकी नहीं भर रही है।

यही कारण है कि पिछले दिनों पानी की काफी किल्लत हुई। अस्पताल में तीन दिनों तक पानी नहीं मिलने के कारण गायनी, सर्जरी और हड्डी रोग विभाग में ऑपरेशन स्थगित करना पड़ा। बाद में प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने हस्तक्षेप किया और उप नगर आयुक्त से बात की। उसके बाद से रोज 10 टैंकर पानी आ रहा है, जिसके बाद ऑपरेशन शुरू हुए। रोजाना टैंकर मंगाकर ऑपरेशन कब तक चलेगा, यह चिंता का विषय है। स्थायी समाधान के रूप में सुवर्णरेखा नदी से पाइपलाइन के माध्यम से एमजीएम अस्पताल, डिमना तक पानी पहुंचाने की योजना है। इसके लिए सुवर्णरेखा नदी में इंटेक वेल भी बनना है, जिसके लिए केवल गड्ढा खुदा गया है। वहां कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है। पाइपलाइन भी पूरी तरह नहीं बिछी है। इसके अलावा एमजीएम में पहुंचने वाले पानी को साफ करने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनना है, लेकिन उसका भी काम रुका हुआ है। बताया जा रहा है कि इन दोनों के बनने में करीब डेढ़ महीने का समय लगेगा। लोगों से बातचीत ------------- इतना बड़ा अस्पताल खुला है तो यहां पानी का इंतजाम पहले ही कर लेना चाहिए। अभी से ही सभी तैयारी कर ली जानी चाहिए। देवानंद साहू, बोड़ाम मरीजों का ऑपरेशन पानी के लिए टल जाए, इससे तकलीफदेह और क्या हो सकता है। इसका जल्द से जल्द इंतजाम कराया जाना चाहिए। सिकंदर अंसारी, चांडिल टैंकर से पानी पहुंचाकर कब तक काम चलेगा। इसके लिए स्थायी इंतजाम पर ज्यादा जोर दिया जाना चाहिए। इस पर उच्चाधिकारी को सामने आना चाहिए। गुलनाज बानो इतनी दूर-दूर से मरीज आते हैं, लेकिन उन्हें पानी के लिए घूमना पड़े तो यह ठीक नहीं है। जल्द से जल्द नदी से पानी का स्थायी समाधान होना चाहिए। गौरी संकर सिंह, चाइबासा ---- वहां फाउंडेशन हो गया है। निर्माण सामग्री आना बाकी है। जैसे ही सामग्री आएगी, वहां काम शुरू कर दिया जाएगा। डेढ़ महीने में काम शुरू हो जाएगा। कृष्ण कुमार, उपनगर आयुक्त, मानगो नगर निगम

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।