एमजीएम अस्पताल में पानी की किल्लत, दो दिन में 20 से अधिक ऑपरेशन टले
गर्मी शुरू होने से पहले एमजीएम अस्पताल में जलसंकट गहरा गया है, जिसके कारण दो दिन में 20 से अधिक ऑपरेशन टल गए हैं। सर्जरी और हड्डी रोग विभाग में कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन नहीं हो सके। अस्पताल के प्राचार्य ने नगर निगम से पानी की मांग की थी, लेकिन केवल तीन टैंकर ही भेजे गए।

गर्मी शुरू होने से पहले ही एमजीएम अस्पताल में जलसंकट गहरा गया है। पानी की कमी के कारण अस्पताल में दो दिन में 20 से अधिक ऑपरेशन टल गए। इस दौरान कोई भी सर्जरी नहीं हुई। मंगलवार और बुधवार को होने वाले ऑपरेशन स्थगित कर दिए गए। हड्डी रोग विभाग में मंगलवार को करीब आधा दर्जन बड़े और छोटे ऑपरेशन होने थे, लेकिन पानी की कमी के कारण स्थगित करना पड़ा। सर्जरी विभाग में भी करीब चार ऑपरेशन टाल दिए गए। बुधवार को सर्जरी विभाग में गॉलब्लाडर में पथरी के तीन और एक हाइड्रोसिल के कुल चार ऑपरेशन होने थे, लेकिन पानी की कमी के कारण ऑपरेशन नहीं हो सका।
हड्डी रोग विभाग में भी चार से पांच ऑपरेशन होने थे, लेकिन एक भी ऑपरेशन नहीं हो सका। गायनी विभाग में केवल इमरजेंसी सिजेरियन डिलीवरी और पांच माइनर ऑपरेशन ही किए गए। एक भी बड़ा या रूटीन ऑपरेशन नहीं हो सका। इस तरह दो दिनों में कुल करीब 20 से अधिक ऑपरेशन नहीं हो सके। बुधवार को चौथी मंजिल पर स्थित स्ट्रेलाइजेशन मशीन तक सुबह से शाम पांच बजे तक पानी नहीं पहुंचा, जिससे ऑपरेशन उपकरण स्ट्रेलाइज नहीं हो सके। शाम में केवल तीन टैंकर पानी आने के बाद मशीन में पानी पहुंचा और उपकरण स्ट्रेलाइज किए गए। एमजीएम के प्राचार्य ने मंगलवार को नगर निगम के उप नगर आयुक्त से कुल दस टैंकर पानी की मांग की थी (सुबह और शाम पांच-पांच), लेकिन पूरे दिन में केवल तीन टैंकर ही भेजे गए। डब्ल्यूटीपी और इंटेक वेल नहीं बना स्वर्णरेखा नदी से एमजीएम अस्पताल डिमना तक पानी लाने के लिए नदी में इंटेकवेल बनने है, जो अबतक तैयार नहीं हुआ है। पानी की पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिसका 25 फीसदी काम बचा हुआ है। गंदे पानी को साफ करने के लिए एमजीएम अस्पताल में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाना है, जिसका सिर्फ सिविल का काम महीनों से हो रहा है। वाटर ट्रीटमेंट की मशीन लगी ही नहीं है। इन कामों को पूरा होने में दो महीने से अधिक समय लगने का अनुमान है। ऐसे में गर्मी आते ही परेशानी और बढ़ जाएगी। ---------------------------------------- उपनगर आयुक्त मानगो को बुधवार को स्मार पत्र भेजा है। इसकी प्रतिलिपि उपायुक्त को भी भेजी है। पानी के कारण अस्पताल में हो रही समस्या और ऑपरेशन बाधित होने का जिक्र किया गया है। इस संबंध में पहले भी उप नगर आयुक्त को पत्र भेजा गया है। उपायुक्त से मिलने के लिए समय लेने का प्रयास कर रहा हूं, ताकि समस्या का समाधान निकाला जा सके। डॉ. संजय कुमार, प्राचार्य, एमजीएम अस्पताल
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