Jamshedpur News: एमजीएम के शिशु वार्ड में लगेंगे चार नए वेंटिलेटर
Jamshedpur News: एमजीएम अस्पताल के शिशु वार्ड में वेंटिलेटर और अन्य चिकित्सा उपकरण जैसे डिस्प्ले मॉनिटर और इन्फ्यूजन पंप बढ़ाए जाएंगे। इससे गंभीर अवस्था के बच्चों की देखभाल में सुधार होगा और उन्हें बेहतर उपचार की सुविधा मिलेगी। इसका उद्देश्य कोल्हान क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।

Jamshedpur News: एमजीएम अस्पताल के शिशु वार्ड में वेंटिलेटर के अलावा अन्य कई जांच यंत्र बढ़ेंगे। इससे कोल्हान के विभिन्न क्षेत्र से आने वाले बच्चों की अस्पताल में बेहतर देखरेख हो सकेगा। अभी एमजीएम के शिशु वार्ड स्थित बच्चों के नीकू और पीकू में चार वेंटिलेटर हैं, जिसको आठ करने का प्रस्ताव विभागाध्यक्ष डॉ. केके चौधरी ने दिया है। इससे गंभीर स्थिति के बच्चों की जीवन रक्षा होगी और वेटिंलेटर के अभाव में रेफर की समस्या खत्म हो सकती है। बताया जाता है कि स्वास्थ्य विभाग के आदेश पर एमजीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने सभी विभागाध्यक्ष से जरूरतों पर प्रस्ताव मांगा था।
इससे डॉ. केके चौधरी ने वेटिलेटर एवं अन्य चिकित्सा संसाधनों की सूची दी थी। सूचना के अनुसार, एमजीएम के शिशु वार्ड में बच्चों की धड़कन और खून में ऑक्सीजन की मात्रा जांचने के लिए डिस्प्ले मॉनिटर और दवा की सही खुराक या अन्य तरल पदार्थ बच्चों के शरीर में पहुंचाने के लिए इन्फ्यूजन पंप मंगाने की तैयारी है। इससे बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए एंटीबायोटिक देने में सहूलियत होगी। अभी शिशु वार्ड में सक्शन मशीन, वार्मर, नेबुलाइजर, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम व अन्य कई चिकित्सा संसाधन हैं, लेकिन डिस्प्ले मॉनिटर एवं इन्फ्यूजन पंप नहीं होने से चिकित्सक को बच्चों को दवा देने से पूर्व आंतरिक स्थिति पता लगाने में दिक्कत होती है। दूसरी ओर, बच्चों के खून, स्टूल व रीढ़ के पानी की जांच तत्काल उपलब्ध होने से चिकित्सा व्यवस्था में ज्यादा सुधार होगा। मालूम हो कि एमजीएम कोल्हान साथ बंगाल और ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्र का प्रमुख अस्पताल है। बच्चों के जांच की बेहतर सुविधा होने पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को बच्चों के निजी अस्पतालों में होने वाले खर्च से छुटकारा मिलेगा।


