अब खून चढ़ाने पर नहीं होगा रिएक्शन का डर, एमजीएम में लगी नई जेल कार्ड मशीन
एमजीएम में अब मरीजों को खून चढ़ाने पर रिएक्शन का डर नहीं रहेगा। नई 'जेल कार्ड सिस्टम' मशीन से खून की क्रॉस मैचिंग अधिक सटीक हो गई है। पहले की तुलना में यह मशीन जांच में बेहतर है, जिससे मरीजों की सुरक्षा बढ़ी है। हर साल एमजीएम ब्लड बैंक में हजारों यूनिट खून जमा होता है।

एमजीएम में आने वाले मरीजों को अब यहां से खून चढ़ाने पर किसी तरह के रिएक्शन का डर नहीं रहेगा। एमजीएम के ब्लड बैंक में नई मशीन लगने के बाद जांच की सुविधा और अधिक सटीक हो गई है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ‘जेल कार्ड सिस्टम’ मशीन लगाई गई है, जो मरीज और रक्तदाता के खून की क्रॉस मैचिंग करेगी। यह मशीन बारीकी से जांच कर बताएगी कि संबंधित खून मरीज को चढ़ाया जा सकता है या नहीं।अभी तक की व्यवस्था के अनुसार, पहले मरीज के ग्रुप का खून लिया जाता था और फिर मरीज तथा रक्तदाता के खून के सैंपल को मिलाकर क्रॉस मैचिंग की जाती थी।
इस प्रक्रिया की जांच माइक्रोस्कोप से तकनीशियन करते थे, जिसमें कई बार बेहद बारीक गड़बड़ियां पकड़ में नहीं आ पाती थीं। ऐसी स्थिति में मरीज को खून चढ़ाने के बाद विभिन्न तरह की परेशानियां होने की आशंका बनी रहती थी।नई मशीन आने के बाद अब क्रॉस मैचिंग की प्रक्रिया माइक्रोस्कोप के बजाय मशीन में उपलब्ध विशेष किट के माध्यम से की जाएगी। मशीन जांच कर यह स्पष्ट बताएगी कि संबंधित खून चढ़ाने पर मरीज को किसी तरह की परेशानी होगी या नहीं।जानकारी के अनुसार, हर वर्ष एमजीएम के ब्लड बैंक में करीब आठ से दस हजार यूनिट खून जमा होता है और मरीजों को चढ़ाया जाता है। ऐसे में सटीक जांच की यह नई व्यवस्था मरीजों की सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गौरतलब है कि जमशेदपुर ब्लड बैंक के बाद अब एमजीएम में भी इस मशीन को स्थापित किया गया है।
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