
एमजीएम में एक महीने से बंद मोतियाबिंद ऑपरेशन
एमजीएम अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में मशीनों के खराब होने के कारण मोतियाबिंद का ऑपरेशन पिछले एक महीने से बंद है। मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है। विभाग ने नई मशीनों की मांग की है, लेकिन पुरानी मशीनें ठीक होने तक ऑपरेशन संभव नहीं है।
एमजीएम अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में मशीनें खराब होने से पिछले एक महीने से मोतियाबिंद का ऑपरेशन बंद है। इससे मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है। नेत्र रोग विभाग का स्लीट लैंप और इंडायरेक्ट ऑप्थॉल्मोस्कोप खराब हो गया है, जिनसे आंख के पर्दे की जांच की जाती है। इनके बिना मरीज की आंखों की सटीक स्थिति पता नहीं चल पाती, इसलिए ऑपरेशन संभव नहीं है। फिलहाल विभाग में सामान्य जांच और छोटे ऑपरेशन ही हो रहे हैं। मुख्यालय के आदेश के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों को जरूरी उपकरण खरीदने की अनुमति दी गई है।
नेत्र रोग विभाग ने भी नई मशीनों की मांग की है, लेकिन जब तक पुरानी मशीनें दुरुस्त नहीं होतीं या नई नहीं आतीं, मोतियाबिंद ऑपरेशन शुरू नहीं हो सकेगा। जानकारी के अनुसार, निजी अस्पतालों में यह ऑपरेशन 15 से 20 हजार रुपये तक में होता है। ऐसे में एमजीएम में सेवा बंद होने से गरीब मरीजों को जेब से भारी खर्च उठाना पड़ रहा है।

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