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मानसून की भारी बारिश में होगी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा

मानसून की भारी बारिश में होगी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा

इस बार मानसून की भारी बारिश के बीच भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकलेगी। पिछले कुछ वर्षों में रथ यात्रा के दौरान कम बारिश होती रही है। विलंब से मानसून के आने के कारण चार जुलाई को पहले दौर की बारिश का जलवा रहेगा।

पुष्य नक्षत्र में रथ यात्रा : ज्योतिषाचार्य सुधानंद झा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार पुष्य नक्षत्र से युक्त आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि चार जुलाई को रथ यात्रा का पर्व है। इस बार तीन जुलाई की रात 10 बजकर पांच मिनट 58 सेकेंड से द्वितीया तिथि आरंभ होगी। पुष्य नक्षत्र में चार जुलाई की शाम 7 बजकर 11 मिनट पर द्वितीया तिथि समाप्त होगा। काशी पंचांग के अनुसार चार जुलाई को रथ यात्रा निकालना उचित बताया गया है।उदयकाल 4 जुलाई को : चार जुलाई गुरुवार को उदया तिथि मानकर भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकलेगी। रथ यात्रा में नक्षत्र की अपेक्षा तिथि का महत्व अधिक होता है। आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को रथ यात्रा पर पुष्य नक्षत्र का संयोग सोने पे सुहागा है। इस योग में भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण संसार का कष्ट देखने और उसे दूर करने के लिए अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ रथ यात्रा पर निकले थे।

इस्कॉन का वापसी रथ : बेल्डीह नागा मंदिर धतकीडीह, गांधी आश्रम बाराद्वारी और इस्कॉन का आंध्र भक्त श्रीराम मंदिर बिष्टूपुर से भव्य रथ यात्रा निकलेगा। इस्कॉन मंदिर गोलमुरी पहली बार वापसी रथ यात्रा 12 जुलाई को निकालेगा। चार जुलाई को रथ यात्रा राम मंदिर बिष्टूपुर से शुरू होकर मेन रोड, जुस्को गोलचक्कर, स्ट्रेट माइल रोड होते हुए धालभूम क्लब साकची पहुंचेगा। अगले सात दिन रथ यहीं रहेगा और कई स्पर्धाएं होंगी।

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  • Web Title:Lord Jagannath s Rath Yatra will be in heavy rain in monsoon