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लोको पायलट की पत्नियां गिनाती रहीं खामियां, चुपचाप सुनते रहे अधिकारी

टाटानगर रेलवे इलेक्ट्रिक लोको ट्रेनिंग सेंटर में परिवार सुरक्षा सम्मेलन में अधिकारी उस समय अवाक रहे गये जब लोको पायलट की पत्नियों ने एक के बाद एक...

लोको पायलट की पत्नियां गिनाती रहीं खामियां, चुपचाप सुनते रहे अधिकारी
हिन्दुस्तान टीम,जमशेदपुरThu, 13 Jun 2024 05:45 PM
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टाटानगर रेलवे इलेक्ट्रिक लोको ट्रेनिंग सेंटर में परिवार सुरक्षा सम्मेलन में अधिकारी उस समय अवाक रहे गये जब लोको पायलट की पत्नियों ने एक के बाद एक विभाग की कमियां गिनानी शुरू कर दी। अपने पति से जुड़ी इस समस्याओं पर मुख्र इन महिलाओं को सुनने के अलावा अधिकारियों के पास कोई चारा नहीं था।
लोको पायलट की पत्नियों ने कहा कि लोको पायलट की समस्या का मूल कारण 12 से 14 घंटे की ड्यूटी है। इंजन में प्रचंड गर्मी के बावजूद एसी की व्यवस्था नहीं है। घोषणा के बाद भी टूल बॉक्स नहीं लगने से लोको पायलट को ट्राली बैग खिंचना पड़ता है। परिवारिक कार्य के लिए समय से छुट्टी नहीं दी जाती। इससे पहले दक्षिण पूर्व जोन के मुख्य अभियंता नवीन कुमार, चक्रधरपुर मंडल के सीनियर डीओपी चंद्रशेखर और टाटानगर के सीनियर डीइई विनोद कुमार ने कहा कि सुरक्षित ट्रेन परिचालन में लोको पायलट के परिवार का अहम योगदान है। उन्होंने घर में आराम के साथ परिवारिक परेशानी से बचाव का सुझाव दिया। मालूम हो कि सुरक्षित परिचालन मुद्दे पर दक्षिण पूर्व जोन मंडल व ब्रांच स्तर पर लोको पायलट के परिवार को जागरूक करने के लिए यह आयोजन कराता है।

इधर, लोको पायलट ने मांग की है कि ग्रेवांस पोर्टल बनाया जाए, ताकि सभी अपनी समस्याओं से वरीय अधिकारी को अवगत करा सके। वहीं, पोर्टल के माध्यम से तत्काल समाधान हो।

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