तुलसी भवन में हिन्दी काव्य संग्रह ‘मन का गवाक्ष’ का लोकार्पण
सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा कवि प्रदीप मिश्र की काव्य संग्रह 'मन का गवाक्ष' का लोकार्पण शनिवार को किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. चंदेश्वर खां ने पुस्तक की कविताओं पर चर्चा की, जो यथार्थ से शाश्वतता की यात्रा को दर्शाती हैं। इस संग्रह में देशभक्ति और पर्यावरण जागरूकता पर आधारित कविताएं भी शामिल हैं।

सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन की ओर से शनिवार को कवि प्रदीप मिश्र द्वारा रचित हिन्दी काव्य संग्रह ‘मन का गवाक्ष’ का लोकार्पण किया गया। तुलसी भवन में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि टाटा मोटर्स के पूर्व उप महाप्रबंधक डॉ. चंदेश्वर खां रहे। लोकार्पण के बाद ब्रजेन्द्र नाथ मिश्र ने पुस्तक पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक की कविताएं यथार्थ से शाश्वत की यात्रा के लिए पथ प्रदर्शित करती हैं। इसमें देशभक्ति के साथ बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने वाली कविताएं भी शामिल हैं। मुख्य अतिथि डॉ. चंदेश्वर खां ने ‘गवाक्ष’ शब्द पर प्रकाश डाला और श्रोताओं को हिंदी के तत्सम शब्दों के अधिक प्रयोग पर जोर दिया।कवि
प्रदीप मिश्र का साहित्यिक जीवन परिचय सुरेश चंद्र झा ने प्रस्तुत किया। यमुना तिवारी ‘व्यथित’ ने इसे अपनी काव्य शैली में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तुलसी भवन के अध्यक्ष सुभाष चंद्र मुनका ने की, जबकि संचालन सूरज सिंह राजपूत ने किया। स्वागत भाषण डॉ. प्रसेनजित तिवारी ने और धन्यवाद ज्ञापन सरदार बलविंदर सिंह ने दिया।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


