आज से 14 अप्रैल तक खरमास, एक महीने रुकेंगे मांगलिक कार्य
15 मार्च से खरमास शुरू होगा, जो 14 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। मेष संक्रांति 14 अप्रैल को होगी, जिससे शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। अप्रैल का पहला वैवाहिक मुहूर्त 20 अप्रैल को है।

इस बार 15 मार्च से खरमास शुरू हो रहा है, जो 14 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार जैसे सभी मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। पुरोहित संतोष त्रिपाठी ने बताया कि खरमास 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल तक रहेगा। इस अवधि में कोई भी विवाह या मांगलिक कार्य नहीं होंगे। मेष संक्रांति (सतुआन) 14 अप्रैल को दिन में 11 बजकर 25 मिनट पर होगी, जिसके बाद शुभ कार्यों की शुरुआत हो सकेगी। अप्रैल में पहला वैवाहिक मुहूर्त 20 अप्रैल को पड़ रहा है।14 अप्रैल को मेष संक्रांति के साथ ही एक महीने से चल रहा खरमास समाप्त हो जाएगा और स्नान-दान का पुण्यकाल प्रातः काल से शुरू होगा।
इस दौरान चैत्र नवरात्र से लेकर छठ व्रत तक कई अनुष्ठान होंगे। खरमास का समय खास तौर पर पूजा-पाठ, जप-तप के लिए विशेष माना जाता है। सूर्य 15 मार्च को दोपहर 1 बजकर 18 मिनट पर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ खरमास आरंभ हो जाएगा। सूर्य 14 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 38 मिनट तक मीन राशि में रहेंगे, उसके बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस पूरे महीने शुभ और मांगलिक कार्यों पर पूर्ण विराम रहेगा।शुभ कार्यों के लिए गुरु की स्थिति होनी चाहिए उच्चपुरोहित संतोष त्रिपाठी ने बताया कि किसी भी शुभ कार्य, खासकर विवाह के लिए गुरु और शुक्र की स्थिति विशेष रूप से देखी जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य बृहस्पति की राशियों (धनु या मीन) में होते हैं, तो गुरु की स्थिति कमजोर मानी जाती है। इसलिए इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, छेदन तथा अन्य सोलह संस्कार नहीं किए जाते। साथ ही नया व्यापार शुरू करना, दुकान खोलना, प्रॉपर्टी या वाहन खरीदना भी शुभ नहीं माना जाता।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


