
अवैध निर्माण की कल तक तैयार करनी है रिपोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति में अवैध निर्माण को एक माह में ध्वस्त करने का आदेश दिया है। अदालत ने राज्य सरकार को जेएनएसी को सहयोग देने के लिए निर्देशित किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकांश अवैध निर्माण पिछले 5 से 10 वर्षों में हुआ है। अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।
झारखंड हाईकोर्ट ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण को एक माह के भीतर ध्वस्त करने का आदेश दिया है। अदालत के निर्देश के बाद जिला प्रशासन भी कार्रवाई को लेकर सक्रिय हो गया है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने सोमवार तक जेएनएसी क्षेत्र में चिह्नित 24 भवनों में हुए अवैध निर्माण वाले हिस्सों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। बताया गया है कि नक्शा उल्लंघन कर बनाए गए अधिकांश भवनों का निर्माण पिछले 5 से 10 वर्षों के दौरान हुआ है।
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने की। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश के अनुपालन के लिए जेएनएसी को हरसंभव सहयोग देने का निर्देश दिया है। सहयोग में किसी भी प्रकार की कमी के लिए नगर विकास सचिव, उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अवैध निर्माण के प्रति अब किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती। जांच के लिए गठित अधिवक्ताओं की समिति ने अपनी रिपोर्ट में निर्माण को अवैध करार देते हुए भवन उपनियमों के उल्लंघन और अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। जेएनएसी के उप नगर आयुक्त को 25 फरवरी तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




