जेटेट परीक्षा में मैथिली को शामिल नहीं करने से रोष
झारखंड सरकार द्वारा जेटेट परीक्षा के लिए बनाई गई नियमावली में मैथिली भाषा को शामिल नहीं करने से मैथिली भाषा-भाषियों में रोष उत्पन्न हुआ है। मैथिली भाषा संघर्ष समिति ने सभी जिलों के प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक की और सरकार के समक्ष अपनी मांग रखने का निर्णय लिया। यदि बात नहीं बनी, तो आंदोलन की योजना बनाई जाएगी।

झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से जेटेट परीक्षा के लिए बनाई गई नियमावली में मैथिली भाषा को शामिल नहीं करने से मैथिली भाषा-भाषियों में रोष है। मैथिली भाषा संघर्ष समिति इसको लेकर सक्रिय हो गई है। इस मसले पर शुक्रवार को सभी जिलों के प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान निर्णय लिया गया कि सभी संस्थाएं साथ मिलकर अपनी मांग सरकार के समक्ष रखेंगीं। इसके बावजूद बात नहीं बनी तो आगे आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। समिति के प्रदेश महासचिव पंकज झा ने बताया कि मैथिली भाषा भारतीय संविधान के अष्टम अनुसूची के साथ ही झारखंड में द्वितीय राजभाषा की सूची में शामिल है।
रांची, जमशेदपुर, बोकारो तथा धनबाद के साथ सम्पूर्ण संथाल परगना में यह भाषा बोली जाती है। इसके बावजूद झारखंड में मैथिली की कथित उपेक्षा के कारण मैथिली भाषा संघर्ष समिति राज्य के सभी मैथिल संस्थाओं के साथ बैठक कर संघर्ष की रूपरेखा तैयार करने में जुट गई है।
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