प्रोफेशनल कॉलेज में ट्राइबल यूनिवर्सिटी खोलने की योजना सरकार ने टाली

Mar 02, 2026 06:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
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जमशेदपुर में पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर सरकार के निर्णय ने इस परियोजना को मुश्किल में डाल दिया है। विश्वविद्यालय के लिए सिदगोड़ा में प्रोफेशनल कॉलेज भवन को अस्थायी कैंपस के रूप में उपयोग करने की योजना अब समाप्त हो गई है। नई भूमि चिह्नित की गई है, लेकिन निर्माण में समय लगेगा।

प्रोफेशनल कॉलेज में ट्राइबल यूनिवर्सिटी खोलने की योजना सरकार ने टाली

जमशेदपुर में पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर सरकार के हालिया रुख ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को अधर में लटका दिया है। झारखंड के आदिवासी समाज और शैक्षणिक जगत के लिए एक मील का पत्थर माने जाने वाले इस विश्वविद्यालय को शुरू करने की राह अब और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। सरकार ने इस विश्वविद्यालय को जमशेदपुर के सिटी कैंपस में तत्काल क्रियाशील करने के अपने पुराने फैसले को बदल दिया है, जिससे इसके संचालन में गंभीर तकनीकी और ढांचागत अड़चनें पैदा हो गई हैं। शुरुआती योजना के तहत प्रशासन ने जमशेदपुर के सिदगोड़ा में नवनिर्मित प्रोफेशनल कॉलेज भवन में ही ट्राइबल यूनिवर्सिटी का कामकाज शुरू करने की तैयारी की थी।

सिदगोड़ा स्थित कॉलेज का भवन पूरी तरह तैयार है और यह उम्मीद की जा रही थी कि इसे अंतरिम कैंपस के रूप में उपयोग कर सत्र की शुरुआत जल्द कर दी जाएगी। लेकिन सरकार के ताजा निर्णय ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अब यह तय किया गया है कि सिदगोड़ा के उस प्रोफेशनल कॉलेज भवन में केवल सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) इंजीनियरिंग की पढ़ाई होगी। तकनीकी शिक्षा विभाग के इस रुख के बाद जनजातीय विश्वविद्यालय के पास अब अपना कोई अस्थायी प्रशासनिक या शैक्षणिक ढांचा नहीं बचा है। इस फैसले का सीधा प्रभाव विवि के अस्तित्व पर पड़ा है, क्योंकि अब यह संस्थान तभी फंक्शनल हो सकेगा, जब इसके लिए पहले से चयनित मुख्य स्थान पर अपना स्थायी भवन बनकर तैयार हो जाएगा। किसी भी विवि के लिए भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण कार्य पूर्ण होने तक की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है, जिसमें वर्षों का समय लग सकता है। पूर्व में उम्मीद थी कि प्रोफेशनल कॉलेज के रेडी-टू-मूव कैंपस का लाभ उठाकर छात्र दाखिला ले सकेंगे, परंतु अब यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। बिना किसी वैकल्पिक भवन या सिटी कैंपस के विश्वविद्यालय का कामकाज कागज से जमीन पर उतारना फिलहाल नामुमकिन लग रहा है। यह देर न केवल जनजातीय अनुसंधान और विकास की गति को धीमा करेगी, बल्कि इस क्षेत्र के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसरों को भी अनिश्चित काल के लिए पीछे धकेल देगी। हेंदलजुड़ी (डांगाटांड़) में 35 एकड़ भूमि का चयन पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला प्रखंड अंतर्गत हेंदलजुड़ी (डांगाटांड़) में पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विवि के लिए जमीन चिह्नित की गई है। प्रशासन ने एनएच-33 के समीप लगभग 35 एकड़ भूमि का चयन किया है, जिसमें से 29 एकड़ पर सहमति बन चुकी है। योजना के अनुसार, 25 एकड़ में मुख्य शैक्षणिक परिसर और शेष 5 एकड़ में भव्य जनजातीय संग्रहालय का निर्माण होगा। जमशेदपुर के सिदगोड़ा स्थित सिटी कैंपस का विकल्प खत्म होने के बाद अब इसी स्थान पर भवन निर्माण ही विश्वविद्यालय को शुरू करने का एकमात्र जरिया बचा है। हालांकि, निर्माण प्रक्रिया में लगने वाले समय के कारण छात्रों का इंतजार लंबा हो गया है।

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