जमशेदपुर के डिमना में बनेगा कोल्हान के हाथियों का रेस्क्यू सेंटर
जमशेदपुर के डिमना में मानव-हाथी संघर्ष को देखते हुए हाथियों के लिए अत्याधुनिक रेस्क्यू सेंटर बनाया जाएगा। वन विभाग ने प्रस्ताव को मंजूरी दी है। लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कोल्हान का पहला हाथी रेस्क्यू सेंटर होगा, जो घायल और बीमार हाथियों का उपचार करेगा।

कोल्हान क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष की बढ़ती घटनाओं और घायल वन्यजीवों के उपचार की चुनौतियों को देखते जमशेदपुर के डिमना में हाथियों के लिए अत्याधुनिक रेस्क्यू सेंटर बनाया जाएगा। वन विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कोल्हान का पहला हाथी रेस्क्यू सेंटर होगा। इसका निर्माण अप्रैल से शुरू होने की संभावना है। विभागीय जानकारी के मुताबिक, डिमना लेक के पास करीब 7 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाले इस केंद्र में किचन, फीडिंग सेंटर, ऑपरेशन थियेटर (ओटी), क्वारेंटाइन क्षेत्र, जलस्रोत और सुरक्षित बाड़े जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां घायल, बीमार या भटके हाथियों को लाकर उपचार, निगरानी और पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
वर्तमान में कोल्हान क्षेत्र विशेषकर पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में घायल हाथियों को इलाज के लिए टाटा स्टील जू के अस्पताल भेजना पड़ता है, जिससे उपचार में देरी होती है और वन्यजीवों की स्थिति गंभीर हो जाती है। नया रेस्क्यू सेंटर बनने से समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी और हाथियों की मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी। वन अधिकारियों का मानना है कि यह केंद्र मानव-हाथी संघर्ष को कम करने में भी सहायक होगा। घायल या आक्रामक हाथियों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था होने से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत की स्थिति घटेगी। रेस्क्यू सेंटर वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे हाथियों को सही समय पर इलाज मिल सकेगा। सरकार ने इसके लिए जमीन का आवंटन कर दिया है। -सबा आलम अंसारी, डीएफओ, दलमा वन्यजीव अभयारण्य

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