मेट्रो की तर्ज पर घर-घर जाकर किरायेदारों का सत्यापन करेगी पुलिस
संक्षेप: जमशेदपुर पुलिस ने किरायेदारों के सत्यापन के लिए अभियान शुरू किया है। मकान मालिकों को किरायेदारों की जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य होगा। यह कदम साइबर अपराध और गैंगवार की घटनाओं को रोकने के लिए उठाया...

जमशेदपुर पुलिस अब मेट्रो शहरों की तर्ज पर किरायेदारों के सत्यापन को अभियान चलाएगी। पुलिस ने दिल्ली और इंदौर पुलिस मॉडल को आधार बनाते हुए इस प्रक्रिया के लिए विस्तृत नियमावली तैयार की है। इसके तहत प्रत्येक मकान मालिक को अपने किरायेदार का विवरण पुलिस को देना अनिवार्य होगा। इस अभियान में स्थानीय निकायों की भी सक्रिय भूमिका रहेगी। सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि हाल के वर्षों में शहर में साइबर अपराध और गैंगवार की कई घटनाओं में किरायेदारों की अहम भूमिका सामने आई है। कई मामलों में आरोपी किरायेदार के रूप में रहकर ही अपराध को अंजाम देते पाए गए।
पुलिस की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि शहर में साइबर अपराध से लेकर ठगी, हत्या और हथियारबाजी जैसे मामलों में किरायेदारों की संलिप्तता बढ़ी है। इसी को देखते हुए पुलिस ने पूरे शहर में किरायेदार सत्यापन को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। दो चरणों में होगी प्रक्रिया पूरी सिटी एसपी ने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकान मालिक को पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए। एक निर्धारित फॉर्म को भरना होगा, जिसमें किरायेदार का नाम, स्थायी पता, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र, पेशा और पिछले निवास की जानकारी शामिल होगी। दूसरे चरण में पुलिस और नगर निकाय के संयुक्त दल द्वारा मौके पर जाकर फॉर्म में दी गई जानकारी का मिलान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से अपराधियों पर नियंत्रण करने में बड़ी मदद मिलेगी। कई बार गैंगस्टर या फरार आरोपी किरायेदार के रूप में शहरों में छिप जाते हैं। सत्यापन से पुलिस को ऐसे लोगों की पहचान में आसानी होगी और अपराध की घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी। शहरी इलाकों में यह अभियान चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में शहरी क्षेत्रों के घनी आबादी वाले इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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