डिजिटल मंच ने युवाओं तक पहुंचाई शेक्सपियर की रचनाएं
करीम सिटी कॉलेज के अंग्रेजी स्नातकोत्तर विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सेमिनार 'ऑल द इंटरनेट इज ए स्टेज : शेक्सपियर एंड डिजिटल ह्यूमैनिटीज' संपन्न हुआ। इसमें शेक्सपियर के साहित्य के डिजिटल माध्यमों के साथ संबंधों पर चर्चा की गई। मुख्य वक्ता प्रो. एम रिजवान खान ने साहित्यिक अध्ययन के बदलते स्वरूप का विश्लेषण किया।

करीम सिटी कॉलेज के अंग्रेजी स्नातकोत्तर विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सेमिनार सोमवार को संपन्न हो गया। ऑल द इंटरनेट इज ए स्टेज : शेक्सपियर एंड डिजिटल ह्यूमैनिटीज विषय पर आधारित इस विमर्श ने साहित्यिक जगत और तकनीक के अंतर्संबंधों की नई व्याख्या प्रस्तुत की। 25 अप्रैल को शुरू हुए कार्यक्रम की शुरुआत विभाग के अध्यक्ष सह आयोजन सचिव डॉ. एसएम यहिया इब्राहीम के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने देश-विदेश से जुड़े विद्वानों और शोधार्थियों का अभिनंदन किया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे डिजिटल माध्यमों ने शेक्सपियर के साहित्य को नई पीढ़ी के लिए सुलभ और इंटरैक्टिव बनाया है।
सेमिनार के मुख्य वक्ता अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रो. एम रिजवान खान रहे। उन्होंने अपने की नोट एड्रेस में साहित्यिक अध्ययन के बदलते स्वरूप का बेहद सटीक विश्लेषण किया। प्रो. खान ने स्पष्ट किया कि वर्तमान डिजिटल इको सिस्टम में शेक्सपियर केवल एक ऐतिहासिक रचनाकार भर नहीं रह गए हैं, बल्कि वे एक गतिशील डिजिटल नेटवर्क के रूप में उभरकर सामने आए हैं। इस अकादमिक समागम में जामिया मिलिया इस्लामिया के एम असदुद्दीन, लंदन से क्रिस्टी कार्सन, डेनमार्क से ताबिश खैर, पुर्तगाल से सुमिता साहू सहित विभा शर्मा और साबिर अली जैसे नामचीन शिक्षाविदों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। सेमिनार का समापन आयोजन सचिव के औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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