सभी भाषाओं का सम्मान करना हमारा दायित्व : विमान बोस
झारखंड बंगभाषी समन्वय समिति ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर साकची रवींद्र भवन में कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें विद्यासागर के बांग्ला भाषा में योगदान पर चर्चा की गई। मुख्य वक्ता ने बांग्ला भाषा के उत्थान में विद्यासागर के समर्पण की प्रशंसा की। कार्यक्रम में विभिन्न भाषाओं के प्रतिनिधियों ने मातृभाषा की रक्षा का समर्थन किया।

झारखंड बंगभाषी समन्वय समिति की ओर से अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर साकची रवींद्र भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बांग्ला भाषा के विकास में ईश्वर चंद्र विद्यासागर के अतुलनीय योगदान पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। मुख्य वक्ता विशिष्ट विद्यासागर अनुरागी एवं पश्चिम बंगाल वाम मोर्चा के चेयरमैन विमान बोस उपस्थित थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विद्यासागर ने बांग्ला भाषा के उत्थान के लिए स्वयं को पूर्णतः समर्पित कर दिया था। उनकी पुस्तकों ने न केवल बच्चों में भाषाई ज्ञान का प्रसार किया, बल्कि नैतिक मूल्यों का भी संचार किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बांग्ला हमारी मातृभाषा है, उसी प्रकार अन्य सभी भाषाओं का सम्मान करना भी हमारा दायित्व है।
बंगला भाषा की अपनी समृद्ध लिपि और परंपरा है, यह भाषा कभी लुप्त नहीं होगी। कार्यक्रम में बांग्ला सहित विभिन्न भाषाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपनी मातृभाषा की रक्षा और संवर्धन के समर्थन में स्वर बुलंद किए। इस दौरान टैगोर स्कूल ऑफ आर्ट्स की चंदना चौधुरी एवं उनकी टीम ने मनमोहक संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष विकास मुखर्जी ने स्वागत भाषण तथा महासचिव संदीप सिन्हा चौधुरी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर नेपाल चंद्र दास, गोबिंद मुखर्जी, पूरबी घोष, बनश्री सरकार, उदय सोम, अरुण दासगुप्त, मिहिर दास, सोमा घोष, सुलेखा डे, दीपिका बनर्जी, शिल्पी, अभिषेक सिन्हा, तरुण बोस सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
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