टाटानगर में सुरक्षित ट्रेन परिचालन को लेकर हुई इंटर जोनल जांच
सुरक्षित रेल परिचालन को लेकर इंटर जोनल सेफ्टी जांच अभियान शुरू किया गया है। बिलासपुर जोन के सेफ्टी अधिकारी अनूप सतपति ने टाटानगर स्टेशन का जायजा लिया। शुक्रवार को सेफ्टी टीम ने चक्रधरपुर में जांच के बाद मंडल अधिकारियों से वार्ता की। रेलवे में सुरक्षा उपाय को मजबूत करने के लिए विभिन्न जांच का प्रावधान है।

सुरक्षित रेल परिचालन को लेकर इंटर जोनल सेफ्टी जांच अभियान शुरू किया गया है। इससे बिलासपुर जोन के सेफ्टी अधिकारी अनूप सतपति ने गुरुवार को टाटानगर स्टेशन के अलावा रेल क्षेत्र में परिचालन, रूट रिले केंद्र, सिग्नल, चिकित्सा व रेस्क्यू सुविधा का जायजा लिया। वहीं, ट्रैक के साथ रेलवे रनिंग रूम, क्रू एंड गार्ड लॉबी, आग से सुरक्षा के उपाय, एक्सिडेंट एवं मेडिकल रिलीफ ट्रेन की स्थिति की भी जांच की। शुक्रवार को बिलासपुर की सेफ्टी टीम टाटानगर से लाइन की विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण करते हुए चक्रधरपुर गई। वहां जांच के बाद मंडल अधिकारियों से सेफ्टी पर वार्ता हुई। बताया जाता है कि, यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के परिचालन में सुरक्षा और ढुलाई दक्षता बढ़ाने की योजना से समय-समय पर विभिन्न जांच का प्रावधान है। इससे हावड़ा-मुंबई मार्ग में खड़गपुर से संतरागाछी स्टेशन तक रेलवे बोर्ड के संरक्षा महानिदेशक हितेंद्र मल्होत्रा और बलबीर सिंह यादव द्वारा सेफ्टी जांच की गयी。
ये है कारण
रेलवे में इंटर जोनल जांच का उद्देश्य सुरक्षा व संरक्षा उपाय को और मजबूत करना है, जिससे कि यात्रियों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं को रोकने में सहूलियत हो। सुरक्षा के तहत लाइन अल्ट्रासोनिक के साथ सिग्नल सिस्टम व ट्रेनों की कोच की तकनीकी जांच होती है, ताकि बेपटरी की घटना पर अंकुश लगे। इससे लाइन, सिग्नल, प्वाइंट व इंजन के खराब पुर्जों को बदला या सुधारा जाता है।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


