अब पहाड़ी इलाकों में इंडो-इजरायल तकनीक से हो सकेगी बागवानी

Feb 11, 2026 02:16 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
share Share
Follow Us on

जमशेदपुर सहित झारखंड के पहाड़ी इलाकों में इंडो-इजरायल तकनीक से सब्जी और फलदार पौधों की खेती की जाएगी। 80 लाख पौधों के सालाना उत्पादन वाले इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी में किसान नई तकनीक सीखेंगे। इसका उद्देश्य किसानों को अधिक आय दिलाना और उन्हें आधुनिक खेती की तकनीक से समृद्ध करना है।

अब पहाड़ी इलाकों में इंडो-इजरायल तकनीक से हो सकेगी बागवानी

जमशेदपुर सहित राज्य के पहाड़ी इलाकों में अब इंडो-इजरायल तकनीक से सब्जी और फलदार पौधों की खेती की जाएगी। इसके लिए पूर्वी सिंहभूम सहित विभिन्न जिलों के किसान हरियाणा के करनाल स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल्स इंडो-इजरायल प्रोजेक्ट घरौंदा और नोएडा स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी में जाएंगे। जिला उद्यान पदाधिकारी अनिमा लकड़ा ने बताया कि जमशेदपुर से दो चरण में 40 किसान नोएडा और 40 किसान नोएडा के साथ-साथ हरियाणा सेंट ऑफ एक्सीलेंस एवं अन्य जिलों में जाएंगे। राज्य के उद्यान विभाग की ओर जिला उद्यान विभाग इन किसानों को इन संस्थानों में नई तकनीकों को जानने के लिए भेजा जा रहा है, ताकि वे कठिन परिस्थिति वाले पहाड़ी इलाकों में भी खेती कर सकें।

यहां खेती के लिए वे वहां से आधुनिक तकनीक सीखकर आएंगे। सिर्फ पूर्वी सिंहभूम ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य जिलों के किसानों की भी टीम इन खेती को सीखने जाएंगे। देश का पहला संस्थान, जहां 80 लाख पौध होते हैं तैयार इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी हरियाणा के उपनिदेशक डॉ. राकेश न कुमार ने बताया कि यह संस्थान देश की पहला संस्थान है, जहां 80 लाख पौधे सालाना तैयार किए जाते हैं। पहाड़ी या अन्य क्षेत्र, जहां जगह की कमी होती हैं, वहां वर्टिकल फार्मिंग (खड़ी खेती) भी की जाती है। तकनीकी रूप से किसान होंगे समृद्ध डॉ. राकेश ने बताया कि इसके अलावा ड्रिप और पॉली हाउस में खेती विभिन्न जगहों पर की जाती है। लेकिन इसमें किन तकनीकी बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि कम लागत में ज्यादा मुनाफा आए, यह जानकारी आने वाले किसानों को दी जाएगी। नोएडा के सेंटर पर भी किसानों को तकनीकी जानकारी देकर और कुछ उन्नत किसानों की खेती दिखाकर उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि वे भी दूसरों के लिए उदाहरण बन सकें। अधिक आय का लक्ष्य होगा पूरा इन संस्थानों में इन तकनीकों से खेती का उद्देश्य इन किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाना है। डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि इन तकनीक से किसान खुद पौधे तैयार करके न सिर्फ खेती कर सकेंगे, बल्कि अच्छी कीमतों पर उन पौधों को बेच भी सकेंगे। इतना ही नहीं, ड्रिप सिंचाई पद्यति में पहाड़ी इलाकों कम पानी में कैसे खेती करें, इसकी भी जानकारी दी जाएगी।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi NewsJharkhand NewsJamshedpur NewsIndo-Israeli Technology Boosts Vegetable and Fruit Farming in Jharkhand
;;;