Jamshedpur News: घुरती रथयात्रा : मौसीबाड़ी से भाई-बहन के साथ घर लौटे भगवान जगन्नाथ
Jamshedpur News: जमशेदपुर के अलग-अलग इलाकों में घुरती रथयात्रा निकाली गई। भगवान जगन्नाथ अपने भाई और बहन के साथ रथ पर सवार होकर निकले। यात्रा का आयोजन नागा बेल्डीह मंदिर से शुरू होकर विभिन्न स्थानों पर हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। रथयात्रा की परंपरा लगभग एक सदी पुरानी है।

Jamshedpur News: जमशेदपुर के अलग-अलग इलाकों में शुक्रवार को घुरती रथयात्रा निकाली गई। मानगो से लेकर बिष्टूपुर तक जय जगन्नाथ की गूंज सुनाई देती रही। नागा बेल्डीह मंदिर, उत्कल एसोसिएशन साकची, , गांधी आश्रम बाराद्वारी, बर्मामाइंस, खासमहल जगन्नाथ मंदिर, नामदा बस्ती काली मंदिर और डिमना रोड स्थित राजस्थान भवन से घुरती रथयात्रा निकली। महाप्रभु जगन्नाथ अपने भाईऔर बहन के साथ रथ पर सवार होकर मौसी बाड़ी से अपने घर के लिए रवाना हुए। इससे पहले पूजा कर आरती उतारी गई। मंदिर के पुरोहित ने वेद मंत्रों के साथ भगवान की आरती उतारी। इसके बाद भक्तों ने जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ रथ खींचना शुरू किया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में जुटने लगे थे। यात्रा के दौरान सबसे आगे मंदिर के ट्रस्टी और मुख्य पुजारी पारंपरिक रीति के अनुसार, रास्ते में झाड़ू लगाकर मार्ग पवित्र करते हुए चल रहे थे। उनके पीछे भजन मंडलियों के संकीर्तन ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। नागा बेल्डीह मंदिर से रथयात्रा निकालने की यह परंपरा लगभग एक सदी पुरानी है। इसे शहर की सबसे पुरानी रथयात्राओं में गिना जाता है। पर्यावरण संरक्षण के लिए इस मंदिर में वर्ष 1975 से लकड़ी के बजाय लोहे के रथ का उपयोग हो रहा है। नौ दिन बाद भगवान की वापसी की इस यात्रा में शहर के विभिन्न इलाकों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया。
डिमना रोड में उमड़े श्रद्धालु
जमशेदपुर। भारतीय कृष्ण भावनामृत संघ की ओर से शुक्रवार को घुरती रथयात्रा राजस्थान भवन से निकाली गई। यहां से यात्रा ब्लू बेल्स से डिमना चौक होते हुए पोखारी में जाकर समाप्त हुई। इससे पहले सुबह 8 बजे हवन आरंभ हुआ। दोपहर 12 बजे से भंडारा शुरू हुआ, अपराह्न 3 बजे रथयात्रा शुरू हुई। सफल आयोजन गोपीनाथ मंदिर के मुख्य सेवक द्वारिका बलराम दास के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान बापी पात्रा, तुलसी खेमका, विजय अग्रवाल, राजू श्रीवास्तव, अमित मंधान, कमल दास आदि मौजूद थे।


