
गॉल ब्लैडर के 200 ऑपरेशन में एक में फैल जाता है इन्फेक्शन
गॉल ब्लैडर के ऑपरेशन में एक मरीज की पित्त की नली चोटिल हो गई जिससे शरीर में इन्फेक्शन फैल गया। डॉ. उत्पल आनंद ने बताया कि समय पर इलाज से ठीक किया जा सकता है। टाटा मोटर्स की कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। डॉ. मनोज कुमार ने ऑपरेशन में गलतियों से बचने के उपाय बताए।
गॉल ब्लैडर की थैली के 200 लोगों के ऑपरेशन में एक मरीज पित्त की नली चोटिल हो जाती है। इससे शरीर में इन्फेक्शन फैल जाता है। समय पर बेहतर प्रबंधन के साथ इलाज किया जाए तो यह ठीक किया जा सकता है। ये बातें एम्स पटना के सर्जन डॉ. उत्पल आनंद ने कहीं। वे जमशेदपुर में टाटा मोटर्स की ओर से आयोजित कॉन्फ्रेंस में बोलने आए थे। यह अंतर्राष्ट्रीय जर्नल एचपीवी में प्रकाशित हुआ है। तीन दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस में देश भर के चिकित्सक पहुंचे थे, जिन्होंने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए और अपने अनुभवों को दूसरे से साझा किया। डॉ. उत्पल ने कहा कि वे लोग 123 मरीजों के मामले पर अपना ध्यान दिए हुए हैं और उनकी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।

रविवार को यह कार्यक्रम समन्न हो गया। एम्स पटना के डॉ. मनोज कुमार ने ऑपरेशन के दौरान इस तरह गलतियों से कैसे बची जाए, के बारे में जानकारी दी। कहा कि सामान्य डॉक्टर को यदि मामला गंभीर दिखे तो उसका ऑपरेशन करके मामला बिगड़ने से बेहतर होगा कि वह मरीज को गोल ब्लैडर के विशेषज्ञ सर्जन के पास भेजें। डॉ. अरुणिमा ने कहा कि उत्तरी भारत में गोल ब्लैडर में कैंसर के मरीजों की संख्या काफी अधिक है। इसलिए गोल ब्लैडर में दर्द की शिकायत हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ब्रेस्ट कैंसर की भी संख्या काफी अधिक है। इसलिए समय-समय पर स्क्रीनिंग कराता रहना चाहिए, ताकि शुरुआत में ही इस बीमारी का पता चला जाए। क्या हैं गोल ब्लैडर गॉल ब्लैडर को हिंदी में पित्ताशय कहते हैं। यह लिवर के नीचे स्थित एक छोटा, नाशपाती के आकार का अंग है, जो पित्त को संग्रहीत करता है। पित्ताशय, जिसे पित्त की थैली भी कहा जाता है, यकृत से आने वाले पित्त को इकट्ठा करता है और वसा (फैट) के पाचन में मदद करने के लिए इसे आंत में छोड़ता है।

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