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दलमा के जंगलों की बेतहाशा कटाई व सूखते जलस्रोत के कारण गजराज कर रहे पलायन

दलमा के जंगलों की बेतहाशा कटाई व सूखते जलस्रोत के कारण गजराज कर रहे पलायन

दलमा एलिफेंट सेंचुरी में जंगलों की बेतहाशा कटाई, सूखते जलस्रोत और अवैध खनन के कारण हाथी पलायन करने लगे हैं। पांच साल पहले 2012 में 156 हाथियों की गिनती हुई थी, लेकिन इस साल सिर्फ 46 हाथी दिखे हैं। कॉरिडोर से भटक रहे हाथी : दलमा में 61 छोटे-बड़े तालाब हैं, जिनमें ज्यादातर सूख गए हैं। इसके अलावा जंगल के आसपास आबादी भी बढ़ रही है। निर्माण कार्य और खनन कार्य हो रहे हैं। यही वजह है कि हाथियों के झुंड एलिफेंट कॉरिडोर से भटकर आबादी वाले इलाकों में चले जाते हैं। इससे फसलों की बर्बादी और जानमाल का नुकसान हो रहा है। इस साल अब तक 45 मकानों को नुकसान पहुंचा है। सैकड़ों एकड़ फसलें तहस-नहस हो गईं। हाथियों के हमले में दो लोग मारे गए हैं और छह आदमी जख्मी हुए हैं। कोल्हान में नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए हर साल वन विभाग 20 से 25 लाख रुपये मुआवजा देता है। जंगलों की बेतहाशा कटाई और खनन से वन्यजीवों के लिए भोज्य सामग्री और पेयजल का अभाव होता जा रहा है। नतीजतन भूख और प्यास से बेहाल पशु जंगल से निकलकर बस्तियों में चले आते हैं। अपने स्वभाव के अनुरूप जान-माल को नुकसान पहुंचाते हैं।

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  • Web Title: Gajraj's escape from Dahma forests due to wildly harvesting and drying water sources