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13 अगस्त, 2020|10:48|IST

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चक्रधरपुर मंडल में तीन वर्ष में कम हो जाएंगे चार हजार रेलकर्मी

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भारतीय रेलवे में हर साल जितनी नियुक्ति नहीं होती है, उससे अधिक रेलवे कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं। रेलवे कर्मचारियों की संख्या कम करने के लिए बार-बार बोर्ड जोनल मुख्यालय को पत्र भेजता रहता है, कभी 50 प्रतिशत कर्मचारियों की संख्या कम करने तो कभी नए पदों पर बहाली रोकने का आदेश दिया जाता है। रेलवे के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, चक्रधरपुर रेल मंडल में लगभग 23 हजार कर्मचारी हैं। इनमें से अगले तीन साल में तीन से चार हजार कर्मचारियों की संख्या कम हो जाने की संभावना है। रिटायर होने वाले कर्मचारियों की जगह नई नियुक्ति नहीं की जाएगी और वह पद स्वत: समाप्त होता जाएगा। नतीजतन कर्मचारियों की संख्या कम होती जाएगी। इसी तरह देशभर में रेलवे में 12.5 लाख कर्मचारी हैं, यह संख्या आने वाले तीन साल में नौ लाख तक करने का लक्ष्य आला अफसरों को दिया गया है। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक 2008 से लेकर 2018 तक, एक भी साल ऐसा नहीं रहा, जिसमें रिटायर होने वाले कर्मचारियों की तुलना में अधिक लोगों को नौकरियां मिली हो। यही वजह है कि रेलवे में खाली पदों की संख्या बढ़कर करीब 3 लाख तक पहुंच गई, जबकि चक्रधरपुर रेल मंडल में दो हजार से अधिक पद खाली हैं। रेलवे ने अधिकारियों को यह भी आदेश दिया है कि लगभग 55 साल वाले कर्मचारी को मेडिकल कारण से भी रिटायर कर सकते हैं, लेकिन चक्रधरपुर रेल मंडल में अभी तक इस तरह की घटना नहीं हुई है।

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  • Web Title:Four thousand railway workers will be reduced in three years in Chakradharpur division